
mahoba
महोबा. सूबे के मुखिया कालाबाजारी को लेकर बहुत सख्त है, लेकिन भ्रष्ट सरकारी तंत्र कालाबाजारी खत्म नहीं होने दे रहा। ताजा मामला महोबा जनपद के चरखारी कस्बे का है, जहां बीज गोदाम से लोडर पर कालाबाजारी के लिए जा रहे साढ़े 22 कुंटल अनाज को ग्रामीणों की सूचना पर चरखारी विधायक के निजी सचिव उदित राजपूत ने पकड़ लिया। पूरे मामले से जब तक उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया,तब तक लोडर चालक अनाज से भरे लोडर को लेकर गायब हो गया। इस मामले में राजकीय बीज गोदाम प्रभारी गोलमोल जवाब देते नजर आए।
प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार और कालाबाजारी के खात्मे को लेकर कड़े निर्देश दे चुके हैं, लेकिन कई भ्रष्टा अधिकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। पूरा मामला चरखारी कोतवाली कस्वा क्षेत्र का है। दरअसल कस्बे में बने राजकीय कृषि बीज भण्डार गोदाम से तकरीबन साढ़े 22 कुंटल अनाज लोडर में लादकर कालाबाजारी के लिए जा रहा था।
जिसको लेकर कुछ स्थानीय लोगों को शक हुआ तो फोन पर चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत को सूचना दी गई । मामला किसानों से जुड़ा होने पर विधायक ने गंभीरता दिखाते हुए तत्काल अपने निजी सचिव उदित राजपूत को मौके पर भेजा, जहां लोडर को रोककर जब उससे पूछताछ की गई तो वह सही प्रमाण नहीं दे पाया। अनाज की कालाबाजारी होने के शक पर उच्चाधिकारियों को सूचना दी गयी लेकिन तब तक लोडर चालक लोडर लेकर फरार हो गया।
विधायक के निजी सचिव उदित राजपूत ने बताया कि मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। फोन पर विधायक चरखारी ने एसडीएम को मामले से अवगत कराकर जांच कर कार्यवाही करने के लिए कहा है।
जब मीडियाकर्मियों ने लोडर चालक से बात की तो उसने बताया कि उसे एक व्यक्ति द्वारा गोदाम से माल लाने के लिए कहा गया था इसके अलावा वो कुछ नहीं जानता। वहीं दूसरी और राजकीय कृषि बीज गोदाम प्रभारी अरविंद रजत से जब मामले को लेकर पूछा गया तो वो गोलमोल जवाब देते नजर आए। उनका कहना है कि इकट्ठा बीज किसानों तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन उसे लेने कोई किसान नहीं आया। क्या कहा गोदाम प्रभारी ने आप भी सुने।
बहरहाल भले ही गोदाम प्रभारी मामले में अपना बचाव कर रहे हो, लेकिन सवाल उठता है कि जब अनाज लेने कोई किसान नहीं आया तब किसके कहने पर बड़ी मात्रा में अनाज जा रहा था। सूखे से जूझ रहे महोबा में ऐसा कौन सा किसान है जो साढ़े 22 कुंटल बीज लेकर खेत में बुबाई कर रहा है। ये वो सवाल है जो भ्रष्ट अधिकारी की कारगुजारी को खोलने के लिए काफी है।
Published on:
07 Dec 2017 09:42 am
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