25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

डरावनी घटना: 5 सालों तक पिता और बेटी को बनाकर रखा बंधक; टॉर्चर किया….हैवान बने नौकर पति-पत्नी!

Crime News: 5 सालों तक पिता और बेटी को बंधक बनाकर रखा गया। नौकर दंपति ने 5 सालों तक उन्हें टॉर्चर किया। बेटी एक अंधेरे कमरे में बंद मिली।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

महोबा

•

image

Harshul Mehra

•

Updated: 30 Dec 2025, 12:36 PM IST

retired railway employee and his daughter held hostage tortured by servant couple for 5 years mahoba

5 सालों तक पिता और बेटी को बंधक बनाकर किया टॉर्चर। फोटो सोर्स-AI

Crime News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक डरावनी घटना सामने आई है। यहां एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी और उनकी मानसिक रूप से बीमार बेटी को उनके केयरटेकर (नौकर-नौकरानी दंपति) ने 5 सालों तक बंधक बनाकर रखा। साथ ही उन्हें टॉर्चर किया। रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी की मौत हो गई है।

नौकर-नौकरानी ने 5 सालों तक पिता-बेटी को बनाकर रखा बंधक

70 साल के रिटायर्ड सीनियर रेलवे क्लर्क ओमप्रकाश सिंह राठौर और उनकी 27 साल की बेटी, रश्मि जो मानसिक रूप से बीमार है 2016 में ओमप्रकाश की पत्नी की मौत के बाद अलग घर में रहने चले गए। ओमप्रकाश के भाई, अमर सिंह के मुताबिक, परिवार ने देखभाल के लिए राम प्रकाश कुशवाहा और उनकी पत्नी, रामदेवी को रखा था।

नौकर-नौकरानी ने घर पर किया कब्जा

ओमप्रकाश के भाई, अमर सिंह ने आरोप लगाया कि नौकर दंपति ने पूरे घर पर कब्जा कर लिया। पिता और बेटी को नीचे के कमरों में बंद कर दिया। नौकर दंपति ऊपर के कमरों में आराम से रहते थे। नौकर दंपति पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर पीड़ितों को बुनियादी जरूरतों से भी दूर रखा।

अंधेरे कमरे में मिली बेटी

अमर ने कहा, "जब भी रिश्तेदार मिलने आते थे, तो नौकर बहाने बनाकर उन्हें यह कहकर भेज देता था कि ओमप्रकाश किसी से मिलना नहीं चाहते।" जब सोमवार को ओमप्रकाश की मौत की खबर परिवार को मिली, तो रिश्तेदार घर पहुंचे तो वहां का नजारा बहुत डरावना था। ओमप्रकाश का शरीर पूरी तरह से कमजोर हो चुका था, और उनकी बेटी एक अंधेरे कमरे में मिली।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

मामले को लेकर एक रिश्तेदार पुष्पा सिंह राठौर ने कहा, " बेटी का शरीर हड्डियों का ढांचा बन चुका था, जो मुश्किल से जिंदा थी।" हॉस्पिटल पहुंचने पर डॉक्टर्स ने ओमप्रकाश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बेटी की देखभाल की जिम्मेदारी फिलहाल परिजन उठा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है।