26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रीता बहुगुणा जोशी ने अन्ना प्रथा को बताया बुंदेलखंड की सबसे बड़ी समस्या, निजात का दिलाया भरोसा

एक निजी विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में रीता बहुगुणा जोशी का भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।

2 min read
Google source verification
Rita Bahuguna Joshi

Rita Bahuguna Joshi

महोबा. महोबा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित सारस्वत सम्मान समारोह और गोष्टी में बतौर मुख्य अथिति शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी महोबा पहुंची। एक निजी विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में रीता बहुगुणा जोशी का भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस मौके पर साहित्य के लिए काम कर रहे लोगों को मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राष्टवाद और साहित्यकारों की जिम्मेदारी के विषय पर आयोजित गोष्ठी पर वक्ताओं और रीता जोशी ने अपने अपने विचार रखे। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि अन्ना प्रथा बुंदेलखंड की सबसे बड़ी समस्या है जिसके निजात के लिए सरकार काम कर रही है। वहीं एक बार फिर उन्होंने बुंदेलखंड को पर्यटन क्षेत्र में विकसित करने की बात कही।

कार्यक्रम में रीता जोशी द्वारा साहित्य के क्षेत्र के काम कर रहे बुद्धजीवियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राष्टवाद और साहित्यकारों की जिम्मेदारी विषय पर गोष्ठी का भी आयोजन हुआ जिसमे रीता बहुगुणा ने बुंदेलखंड की कला और इतिहास को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के उपरांत बीजेपी पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की। रीता बहुगुणा ने पत्रकारों से भी वार्ता की। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद बुंदलखंड को पर्यटन क्षेत्र में विकसित किये जाने के सवाल पर एक बार फिर उन्होंने जल्द पर्यटन क्षेत्र में काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 13 जिले पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पर्यटन क्षेत्र के लिए विकसित किये जाने हेतु कार्ययोजना पर काम हो रहा है। जल्द ही दोनों प्रदेशों और केंद्र के पर्यटन मंत्री संयुक्त रूप से बुंदेलखंड का दौरा करेंगे और जल्द ही ये क्षेत्र पर्यटन के रूप में विकसित होगा। पूर्व में भी इनके द्वारा ऐसी ही बात कही गई थी, मगर पांच माह का समय बीतने के बाद भी अभी तक बुंदेलखंड के पर्यटन को लेकर कोई पहल तक नहीं हुई है।

वहीं जब उनसे महोबा के ऐतिहासिक कजली मेला और गोवर्धन मेला को राजकीय दर्जा दिए जाने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उनके पास इसके लिए कई आवेदन आये हैं। पूर्व सरकार ने इसकी घोषणा की थी। इस पर अभी काम चल रहा है। यहीं नहीं उन्होंने अन्ना प्रथा के सवाल पर कहा कि अन्ना पशु बुंदेलखंड की सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या से बुंदेलखंड को निजात दिलाई जायेगी। इस समस्या को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। अन्ना पशुओं को पुनः स्थापित करने के लिए काम किया जा रहा है। बहुत जल्दी इसको लेकर कोई योजना अमल में आएगी।