
Holi 2018 आसान तरीके से करें नकली मेवे, दूध और पनीर की पहचान
महराजगंज. त्योहारों के आते ही खाद्यपदार्थों में मिलावट खोरों की सक्रियता बढ़ जाती है। खासकर होली दिवाली जैसे मशहूर पर्वों पर मिठाई में मिलावट करने वाले सक्रिय रहते हैं। इसे रोकने वाला विभाग पाखंड करता जरूर है. लेकिन उसे नाकामी ही मिलती है। मिलावट खोर अपनी वाली कर ही गुजरते हैं। इस समय होली का पर्व का निकट है। ऐसे में मिठाई और गुझिया में प्रयोग होने वाले खोया में मिलावट का धंधा चरम पर है।
बलरामपुर जिले के पचपेड़वा तथा तुलशीपुर से पूर्वांचल के जिलों में मिलावटी खेाये की सप्लाई शुरू हो गई है। कानपुरु से भी इसे सप्लाई किया जा रहा है। इस पर प्रशासन की नजर तो है लेकिन इस धंधे में लिप्त रहने वाले कम तिकड़मबाज नहीं होते। वे लाख चैकसी के बावजूद अपना धंधा आवाद किए हुए हैं। होली में रंगों के साथ मिठास घेालने वालों की सबसे बड़ी चिंता मिलावटी खोया ही है। अपने घरों आए मेहमानों को खिलाने वाला गुझिया या गुलाब जामुन कहीं मिलावटी निकल गया तो उनकी इज्जत तो गई।
अभिहीत अधिकारी अमित कुमार सिंह का कहना है कि, उनका महकमा इसे लेकर पूरी तरह सर्तक है लेकिन हम चाहेंगे कि लोग दूध खरीदकर घरों में खोया तैयार करें तो बेहतर है। कहा कि, हालांकि दूध में भी मिलावट का धंध चल रहा है लेकिन थोड़ी सर सर्तकता से इसे जांचा जा सकता है।
बताया कि, अब तक विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर ढाई तीन क्वींटल नकली खोया बरामद किया जा चुका है। होली करीब आते आते मिलावटखोर अपना धंधा और तेज करेंगे। उसी अनुपात में बरामदगी भी होगी। आवजूद इसके हम चाहते हैं कि, अपनी सेहत को लेकर लोग स्वयं जागरूक रहें।
ऐसे करें दूध की जांच
खोया बनाने के लिए उपयोग में लाने वाले दूध की जांच के लिए इसमें पोटेंशियम कार्बोंनाइट डालें। इसके डालने से यदि दूध का रंग लाल हो जाता है तो समझिए दूध में मिलावट है। दूध को सफेद और गाढ़ा दिखाने के लिए इसमें यूरिया मिलाया गया है। इसके अलावा दस मीली दूध में इतना ही पानी मिलाएं। दूध मेें यदि झाग आता है तो समझिए इसमें डिर्टेंजेंट मिलाया हुआ है। ये दोनों ही मिलावट सेहत के लिए खतरनाक है।
खोया और पनीर की भी करें जांच
अयुर्वेद डॉक्टर अनिल कुमार कहते हैं कि, त्योहार में मिलावट भी एक व्यवसाय का रूप धर लिया है। खोया हो या पनीर सबसें मिलावट की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि, खोया या पनीर की शुद्धता की जांच के लिए इसके छोटे टुकड़े को पानी में उबालें और फिर इसे ठंडा होने दें। इसमें आयोडीन की घोल की एक बूंद डालें। अगर नाली रंग दिखता है तो यह मिलावट के संकेत है। मिलावट में स्टार्च मिलाया गया है। इसके खाने से पेट में प्वाजनिंग हो सकती है। पेट संबंधी और भी बीमारियां हो सकती है।
समझें मिलावट की गणित
बाजार में दूध की कीमत आम तौर पर 40 से 50 रूपये प्रति किलो है। खुले बाजार में खोये की कीमत 180 से दो सौ रूपये तक है। शुद्ध एक लीटर दूध में अधिकतम दो सौ ग्राम खोया तैयार होता है। एक किलो खोया तैयार करने में कम से क दो सौ से ढाई सौ रूपये का दूध खपाना पड़ सकता है। बावजूद इसके खोया सस्ता बिक रहा है तो इसका मतलब साफ है कि खोया असली नहीें है।
दूध और खोया में क्यों करते हैं मिलावट
दूध में मिठास और गाढ़ा करने के लिए डिटरजेंट,रिफाइंड,ग्लुकोज के अलावा इजी ल्क्विेड मिलाया जाता है, जबकि खोये में आरारोट,शकरकंद,स्टार्च मैदा आदि की मिलावट की जाती है। दोनों ही मिलावट पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक होते हैं।
input- यशोदा श्रीवास्तव
Published on:
26 Feb 2018 12:56 pm
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