8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इको टूरिज्म के रूप में विकसित होने के इंतजार में सोहागी बरवा वन्य जीव विहार

वनकर्मियों की लापरवाही की वजह से लकड़ी काटने वाले दिन रात विहार में घूमा करते हैं नतीजा प्रमुख पशु वन से भागकर बस्तियों में चले जाते हैं।

2 min read
Google source verification
Sohagi barwa Wildlife Sanctuary

सोहागी बरवा वन्य जीव विहार

यशोदा श्रीवास्तव
महाराजगंज. यूपी के 11 वन्यजीव विहार में से एक सोहगीबरवा वन्य जीव विहार आज प्रशासनिक अफसरों और जिम्मेदारों की लापरवाही से बदहाली का शिकार हो चुका है। इस वन्य जीव विहार में प्रमुख पशु पक्षियों के अभ्यारण्य तो हैं लेकिन वह देखरेख के अभाव में बिखरे हुए हैं। वनकर्मियों की लापरवाही की वजह से लकड़ी काटने वाले दिन रात विहार में घूमा करते हैं नतीजा प्रमुख पशु वन से भागकर बस्तियों में चले जाते हैं। इनमें अधिकांशतः ग्रामीणों द्वारा मार दिए जाते हैं या दहशतजदा हाल में नेपाल के जंगलों का रूख कर लेते है। पिछले दिनों जंगल से भाग कर आया एक तेंदुए ने गांव के कई लोगों पर हमला कर घायल कर दिया तो हाल ही एक साम्भर भागकर गांव में आ धमका जिसे गांव वाले बड़ी बेरहमी से पकड़ कर बांध लिए।

सोहगीबरवा वन्य जीव विहार का क्षेत्रफल काफी लंबा है। इसकी सीमा मेें संतकबीरनगर का बखिरा झील भी आता है। सोहगी बरवा से लेकर बखिरा तक फैले वन्य जीव विहार में टाइगर, पैंथर, चीतल, जंगली बिल्लियां, सांभर, हिरन, खास तौर पर देखा जा सकता है। नेपाल सीमा के इस प्रमुख वन्य जीव विहार को पर्यटक के रूप में विकसित करने की सरकार की योजना थी। सोहगी बरवा का वेटलैंड्स विदेशी पक्षियों का बसेरा है। यह सैलानियों और पर्यटकों के लिए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।


सोहगीवरवा वन्य जीव विहार को इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा सकता है। वर्ष 2015 के वजट में सरकार ने यहां के कुल क्षेत्रफल 17336 एकड़ को पर्यटकीय दृष्टि से विकसित करने के लिए मंजूरी दी है। जिसमें इस एरिया के सभी प्रमुख स्थलों को समाहित किया जाना है। वन विभाग ने इसके लिए चार करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजा है।

सोहगी बरवा वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि इस वन्य जीव विहार में तीन उप वन्य प्रभाग तथा सात रेंज है। बताया कि सोहगीवरवा वन्य प्रभाग में आरक्षित वन क्षेत्र 39220-10 हेक्टेअर, कृषि भूमि 3600 हेक्टेअर, तथा ग्राम समाज की 42820-10 हेक्टेअर है। सोहगीवरवा वन्य जीव विहार नेपाल के चितवन तथा बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वन्य जीव विहार को पर्यटकीय स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन को प्रोजेक्ट प्रेषित किया गया है। वजट की प्रतीक्षा है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में पशु पक्षियों की निगरानी तथा गणना समय समय पर होती रहती है। उनके साथ छेड़छा़ड़ करने वालो पर निगरानी रहती है।


सोहगीवरवा वन्य विहार में प्रमुख पशुओं की संख्या
तेंदुआ-35,चीतल 300,सांभर 500,जंगली काक 300,नीलगाय 1600,पाड़ा 120, जंगली सुकर 2500,बंदर 5500,लंगूर 3200, मोर 800, जंगली बिल्ली 200, लोमड़ी 230,वनगाय 350,बिज्जू 180,गोह 370,खरगोश 320 ।