
प्रतीकात्मक फोटो।
मैनपुरी में मासूम की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। टॉफी गले में फंस जाने के कारण उसका दम घुट गया। परिजन आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है।
घटना भोगांव कोतवाली क्षेत्र के छाछा गांव की है। यहां के मनीष का साढ़े तीन वर्षीय बेटा आनंद अपनी 7 वर्षीय बहन शगुन के साथ गांव की एक परचून की दुकान पर नमकीन खरीदने गया था। दोनों भाई-बहन ने दुकान से नमकीन का पैकेट लिया और वहीं बैठकर उसे खा लिया। उस समय आनंद का पिता मनीष भी दुकान पर ही थे।
पिता को देखकर आनंद ने टॉफी खाने की जिद की। बेटे की जिद पर मनीष ने उसे टॉफी दिला दी। टॉफी लेने के बाद आनंद घर चला गया। घर पहुंचकर उसने टॉफी खाना शुरू किया, लेकिन इसी दौरान टॉफी उसके गले में फंस गई।
टॉफी गले में फंसते ही आनंद की हालत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी और वह तड़पने लगा। बच्चे की हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए। तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग रो-रोकर बेहाल हो गए। बताया जा रहा है कि आनंद तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था और घर का सबसे लाडला भी था।
घटना के बाद परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना ही बच्चे का शव घर ले गए। परिजनों व ग्रामीणों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मासूम की असमय मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
Updated on:
13 Mar 2026 09:55 am
Published on:
13 Mar 2026 09:55 am
