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बयान दर्ज कराने के बहाने महिला को बंधक बनाकर दरोगा और सिपाही ने किया दुष्कर्म

मैनपुरी सीजेएम ने दरोगा अजीत शर्मा और सिपाही संतोष यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

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up police

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मैनपुरी। एलाऊ क्षेत्र में रिश्तेदारी में रह रही एक महिला ने दरोगा अजीत शर्मा और सिपाही संतोष यादव पर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। इस मामले में मैनपुरी के सीजेएम शक्ति सिंह ने फर्रुखाबाद के थाना कमालगंज में तैनात दरोगा अजीत शर्मा और सिपाही संतोष यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

ये है पूरा मामला
महिला ने सीजेएम कोर्ट में 25 मई 2018 को अपने वकील के माध्यम से शिकायत करते हुए कहा है कि उसकी शादी कमालगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ हुई है। पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। मारपीट से तंग आकर वो अपनी दो साल की बेटी के साथ एलाऊ क्षेत्र में पने रिश्तेदार के पास रहने लगी।

उधर, उसके चचिया ससुर ने 26 जुलाई 2017 को कमालगंज थाने में अपहरण की रिपोर्ट लिखा दी थी। इसके बाद कमालगंज के अजीत शर्मा और सिपाही संतोष यादव ने 27 जुलाई को फतेहगढ़ कोर्ट में बयान कराए। इसके बाद महिला को उसकी मर्जी के आधार पर रिश्तेदार के साथ रहने की अनुमति दे दी गई। महिला ने शिकायत करते हुए कहा है कि बयान के दौरान दरोगा ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। उसके बाद महिला के पास दरोगा और सिपाही के फोन आने लगे। दोनों उससे मोबाइल पर अश्लील बातें करते थे।

महिला का आरोप है कि 19 जुलाई 2018 को दरोगा और सिपाही उसके पति के साथ रिश्तेदार के घर आए। दोबारा बयान कराने के लिए कहकर महिला को उसकी बच्ची समेत साथ ले गए। उसके बाद एक कमरे में उसे तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा। इस बीच दरोगा और सिपाही ने महिला के साथ कई बार दुष्कर्म किया। तीन दिनों बाद महिला किसी तरह वहां से भागने में सफल हो गई, लेकिन उसकी दो साल की बच्ची उन्हीं के पास रह गई। महिला का आरोप है कि उसकी पुत्री की जान को खतरा है। दरोगा अजीत शर्मा और सिपाही संतोष यादव उसकी हत्या करा सकते हैं। महिला की शिकायत के बाद सीजेएम शक्ति सिंह ने दरोगा अजीत शर्मा और सिपाही संतोष यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही थानाध्यक्ष एलाऊ को सात दिन में अनुपालन आख्या मांगी है।