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छेड़छाड़ के आरोपी को 3 वर्ष की सजा

विशेष न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
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मंडला

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Shiv Mangal Singh

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Updated: 10 Apr 2018, 7:33 PM IST

3 years in jail for molestation

3 years in jail for molestation

मंडला. विशेष न्यायाधीश विजय कुमार पाण्डेय की न्यायालय ने एक दाण्डिक प्रकरण पर अपना फैसला सुनाते हुये आरोपी दिनेश रजक पुत्र रज्जू लाल रजक उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम सिलगी थाना बम्हनी मण्डला को भादस की धारा 354ख, 506 भाग-2 व अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3,1व 3,2 में दोष सिद्ध पाते हुये तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ-साथ दो हजार रुपए के जुर्माने से दण्डित किया है। घटना के संबंध में विशेष लोक अभियोजक सुरेश विश्वकर्मा ने बतलाया कि, अनुसूचित जनजाति की पीडि़ता 7 अगस्त 2016 को सुबह 8 बजे अपने भैंस बोदा को लेकर चराने के लिए ग्राम के वर्रा हार गई हुई थी। वहां पहले से गाय चरा रहे आरोपी दिनेश रजक ने उसे पहले सौ-सौ रूपये के नोट दिखाये, फिर उसके बाद बुरी नियत से उसके दोनो हाथ पकड़ लिये और पीडि़ता के साथ अभद्रता करने लगा। चीखने पर आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया, किसी तरह आरोपी से हाथ झटककर भागने में कामयाब हुई, आरोपी द्वारा उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घर आकर पीडि़ता ने घटना का ब्योरा परिजनों को दिया। परिजन पीडि़ता को लेकर थाना बम्हनी के जरिये अजाक थाना मण्डला पहुंचे और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के बाद आरोपी दिनेश रजक के विरूद्ध छेडख़ानी का प्रकरण पंजीबद्ध हुआ और अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। जहां न्यायाधीश विजय कुमार पांडेय ने दिनेश रजक को उपरोक्त आरोपों का दोष सिद्ध पाया और तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ-साथ एक-एक हजार के सजा के जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय ने फैसले के अंत में इस बात का भी उल्लेख किया है कि, आरोपी की सश्रम कारावास की दोनो सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।

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वर्तमान समय प्रत्येक मानव अनेक प्रकार की चिन्ताओं की आग में अपने मन को जला रहा है, जैसे क्रोध, चिन्ता, ईष्र्या, नफरत, बदले की भावना इत्यादि विकार मानव जीवन को खोखला कर रहे हैं। ऐसी जलती हुई मनोभावना की अग्नि को शांत करने में आध्यात्मिक ज्ञान के पानी के छींटे ही कर सकते हैं। लोगों की ज्ञान पिपासा को शांत कर देने वाली त्यागी, तपस्वी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आरती आज से नगर प्रवास पर होंगी। ये जानकारी दी बीके ममता ने। बताया गया है कि राजयोगिनी आरती मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ क्षेत्र की ब्रह्माकुमारी संस्था के 300 सेवाकेन्द्र की निर्देशिका हैं। उनके साथ अनेक ब्रह्माकुमार- ब्रह्माकुमारियों का भी दल साथ होगा। बीके आरती 13 अप्रैल को नगर में आयोजित होने वाले शिव आनन्द महोत्सव कार्यक्रम की संयोजक एवं आध्यात्मिक जागृति सम्मेलन की अध्यक्षा होंगी। इनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अनेक कमेटियों का गठन किया गया है।