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5.21 लाख की डिमांड, मिली 2.57 लाख पुस्तकें

जिले में अब तक शुरू नहीं हुआ पुस्तक वितरण

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5.21 lakh demand, 2.57 lakh books received

5.21 lakh demand, 2.57 lakh books received

मंडला. शैक्षणिक सत्र 2021-22 शुरू हो चुका हैै और इसका जुलाई का महीना भी बीतने को है लेकिन जिले को अब तक पाठ्य पुस्तक निगम से विद्यार्थियों के लिए पाठ्य पुस्तकों का वितरण ही पूर्ण नहीं हो पाया है। इसकारण जिले में अब तक छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तक वितरण शुरू नहीं किया गया है। पुस्तकों के नहीं मिलने से विद्यार्थियों का शुरूआती समय ही व्यर्थ जाने लगा है। पुस्तकें नहीं होने से विद्यार्थी न ही ऑफलाइन पढ़ाई कर पा रहे हैं और न ही ऑनलाइन।
ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भी पुस्तकों की आवश्यकता पड़ती है ऐसे में जब विद्यार्थियों के हाथों में पुस्तकें नहीं होंगी ऑनलाइन कक्षाएं भी उनके किसी काम की नहीं होंगी।
अब तक वितरण अधूरा
जिला शिक्षा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, पाठ्य पुस्तक निगम को जिले से 5 लाख 21 हजार 605 पुस्तकों की डिमांड भेजी गई थी। जुलाई माह का तीसरा सप्ताह भी गुजर चुका है और अब तक जिले को मात्र 2 लाख 57 हजार 324 पुस्तकें ही भेजी गई हैं। बताया जा रहा है कि जब तक डिमांड की गई सभी पुस्तकें नहीं भेजी जाएंगी तब तक वितरण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे रिकार्ड मेंटेन करने में परेशानी होगी।
भेज रहे सीधे जनपदों को
जिला शिक्षा केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि पाठ्य पुस्तक निगम से पुस्तकें जिले के जनपद शिक्षा केंद्रों में भेजी जा रही हैं। जिले मे सर्वाधिक 1,01,902 पुस्तकें मंडला जनपद शिक्षा केंद्रों को मिलनी है लेकिन अब तक मात्र 46,119 पुस्तकें ही भेजी गई हैं। यानि डिमांड का मात्र 45.26 प्रतिशत। इसके बाद सर्वाधिक पुस्तकें बिछिया विकासखंड को मिलनी है इसकी संख्या 90 हजार 862 बताई गई हैं लेकिन यहां भी अब तक मात्र 42,552 पुस्तकें ही भिजवाई गई हैं। यानि डिमांड का 46.8 प्रतिशत। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक यह हाल जिले के सभी विकासखंडों का है। यही कारण है कि जिले भर की पुस्तक वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
धीमी पड़ी रफ्तार
गौरतलब है कि कोरोना संकट को देखते हुए पहले एक जुलाई से स्कूल खुलने की संभावना जताई जा रही थी लेकिन कोरोना के तीसरे लहर की आशंका के चलते स्कूल खोले जाने संबंधी सभी आदेशों पर रोक लगा दी गई है। इस रोक के चलते शिक्षा विभाग की अधिकतर गतिविधियां भी धीमी पड़ गई है। यही कारण है कि जुलाई माह खत्म होने को है और जिले में अब तक डिमांड के अनुसार, पुस्तकें नहीं भिजवाई जा सकी हैं।