
आज से कुपोषण दूर करने प्रशासन चलाएगा अभियान
मंडला. आज से रूटीन टीकाकरण के लिए रूटीन टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन एवं फॉलोअप प्रबंधन के लिए विशेष अभियान का प्रारंभ किया जाना है। इस संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी किए गए हैं। रूटीन टीकाकरण के लिए पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा, एएनएम को संयुक्त रूप से चार दलीय विशेष टीम का गठन कर कार्य संपादित किया जाएगा एवं इनके द्वारा एक पंजी संधारित की जाएगी। जिसमें क्षेत्र के सभी ऐसे बच्चों की जानकारी रहेगी जिनका जन्म 1 जून 2020 से 31 जनवरी 2022 के मध्य हुआ है। ऐसे बच्चों का पूर्ण विवरण जिसमें बच्चे का नाम, पता, जन्मतिथि, अब तक किए गए टीकाकरण की जानकारी का ब्यौरा इंद्राज किया जाएगा। उक्त पंजी के संधारण कार्य ऑफलाइन मोड पर 11 फरवरी 2022 तक अनिवार्यत: करने के निर्देश दिए हैं। 11 फरवरी से 14 फरवरी तक उक्त डेटा को ब्लाक एवं जिला स्तर पर ऐक्सल सीट में कन्वर्ट किया जाएगा।
तकनीकि टीम की गई गठित
उक्त कार्य के लिए कलेक्टर द्वारा तकनीकि टीम गठित की गई है जिसमें डीपीएम एनआरएचएम डीआईओ एनआईसी डीजीईएम मंडला सम्मिलित हैं। 15 फरवरी को ऐसे सभी बच्चे जो रूटीन टीकाकरण से वंचित रह गए हैं उनका संपूर्ण विवरण संबधित सीडीपीओ एवं बीएमओ को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही जिला कंट्रोल रूम जो मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में निर्धारित है इसके माध्यम से सभी संबंधितों के मध्य साझा किया जाएगा। उक्त संबंध में फॉलोअप काल भी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम से किया जाएगा। 11-15 फरवरी के मध्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका द्वारा ऐसे सभी घरों का चिन्हांकन किया जाएगा तथा छूटे बच्चों का 15-19 फरवरी के मध्य रूटीन टीकाकरण किया जाएगा।
रूटीन टीकाकरण के लिए करें प्रेरित
महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम के माध्यम से प्रत्येक पंचायतों, वार्डों में महिला सरपंच, पंच, जनपद एवं जिला पंचायत सदस्य एवं जनप्रतिनिधियों इत्यादि का चयन कर महिला बाल स्वास्थ्य मित्र का गठन किया जाएगा। इस समिति के साथ 15 फरवरी को एसे छूटे बच्चों की जानकारी साझा कर उनके माध्यम से भी रूटीन टीकाकरण हेतु प्रेरित किया जाए। प्रत्येक जनपद पंचायत के अन्तर्गत ऐसे प्रथम 10 पंचायतें जहां शतप्रतिशत टीकाकरण किया जाएगा उनका चिन्हांकन कर फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में संबंधित कर्मचारी एवं टीम को जिला स्तर से प्रमाण पत्र प्रदाय कर पुरष्कृत किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से अगले एक माह तक रूटीन टीकाकरण को ध्यान में रखते हुए पंचायतों, ग्रामों, वार्डों में विशेष प्रचार-प्रसार जैसे दीवार लेखन मुनादी इत्यादि कराया जाए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधित कार्ययोजना
15- 25 फरवरी के मध्य ऐसी गर्भवती महिलाओं जो एएनसी से छूटी है उनका एएनसी करवाया जाए तथा प्रत्येक गर्भवती महिला का रक्त जांच तथा अन्य आवश्यक जांचें कराई जाएंगी। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से तैयार स्वास्थ्य कार्ड में आवश्यक मेडिकल सूचना का इंद्राज कराकर संबंधित गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराया जाना है। 25 फरवरी तक प्रत्येक सीडीपीओ के माध्यम से ऐसे ग्रामों पंचायतों का चिन्हांकन किया जाएगा जहां विगत 01 वर्ष संस्थागत प्रसव न की तुलना में हुए हो तथा किसी कारणवश घर पर ही प्रसव किया जा रहा हो। इसकी सूची के साथ कारण भी स्पष्ट किया जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी 1 फरवरी से 25 फरवरी तक विगत एक वित्तीय वर्ष में जन्में संस्थागत प्रसव वाले बच्चों को जेएसवाय, पीएसवाय का भुगतान शतप्रतिशत प्रदाय करवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। रूटीन टीकाकरण के लिए पूर्व में बनाए गए महिला एवं बाल स्वास्थ्य मित्र का सहयोग गर्भवती महिलाओं एवं हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन में लिया जाए।
कुपोषित बच्चों के लिए दिशा-निर्देश
25 फरवरी के बीच प्रत्येक ग्राम में 0 से 6 वर्ष के बच्चों का हाईट एवं वनज लिया जावे तदोपरांत बच्चों का एसएएम व एमएएम एवं सामान्य में वर्गीकृत करें उक्त जानकारी ग्राम एवं पंचायत वार्ड वार किया जाएगा। प्रत्येक एसएएम व एमएएम चिन्हांकन के साथ उस बच्चे का विस्तृत ब्यौरा पंजी में संधारित किया जाए जिसमें उसके फिजीकल एवं स्वास्थ्य संबंधी बिंदू, सामान्य अथवा सांस्कृतिक बिंदू, स्वच्छता के संबंध में, आर्थिक स्थिति की जानकारी इंद्राज किया जाए। सभी एसएएम व एमएएम बच्चों को चिन्हांकन कर 25-28 फरवरी के बीच आशा एवं एएनएम के माध्यम से चिन्हांकन किया जाए कि किन बच्चों को एनआरसी भेजा जाना है तथा किन्हें कम्यूनिटी स्तर पर प्रबंधन हेतु लिया जाना है। एनआरसी हेतु रिफर बच्चों का मार्च 2022 के प्रथम दो सप्ताह में दाखिला अनिवार्यत: किया जाए। साथ ही कम्यूनिटी इनवालमेंट के साथ प्रत्येक बच्चों का मेन-टू-मेन मैपिंग कर स्वास्थ्य प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए।
Published on:
11 Feb 2022 12:22 pm
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