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साथिया से की किशोर यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर चर्चा

साथिया को दी शारीरिक स्वच्छता की जानकारी, प्रशिक्षण का पांचवा सत्र आयोजित

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साथिया से की किशोर यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर चर्चा

साथिया से की किशोर यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर चर्चा

साथिया से की किशोर यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर चर्चा
मंडला। जिले के दो विकासखंड नारायणगंज, बीजाडांडी में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पीयर एजुकेटर्स का 6 दिवसीय साप्ताहिक प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पांचवें सत्र में उपस्थित साथिया को पांचवा सप्ताह के मॉड्यूल 5 के अंतर्गत किशोर यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर विस्तृत चर्चा की गई। जिसमें आशा कार्यकर्ता, सहयोगनी और 15 से 17 वर्ष के पीयर एजुकेटर मौजूद रहे। प्रशिक्षण की शुरूआत उपस्थित मास्टर ट्रेनर पूजा बरमैया, संगीत सिंगरौरे, संजय सोनी, शोभना कांड्रा, रेखा गोटिया, प्रवीण राय, वंदना यादव, शिवप्रसाद नंदा, साथियां, आशा कार्यकर्ता ने प्रार्थना से की। जिसमें आशा कार्यकर्ता, सहयोगनी और पीयर एजुकेटर मौजूद रहे।
पांचवें सप्ताह के प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में उपस्थित साथिया को विवाह के लिए सही उम्र और बाल विवाह के दुष्परिणाम समझना, भविष्य के लिए योजना विकसित करना, व्यक्तिगत साफ सफाई और अपने पर्यावरण में इसे बनाए रखने के तरीके विकसित करना, प्रजनन अंग मार्ग में संक्रमण (आरटीआई), यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के लक्षणों के बारे में जानकारी और समझाईश दी गई। इन सब बातों को केस स्टडी और गतिविधि के माध्यम से विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षण सत्र के अगले चरण में साथिया को बताया गया कि स्त्री हो या पुरूष प्रत्येक व्यक्ति की शादी और गर्भधारण करने के लिए सही आयु और सही समय होना जरूरी है। इसलिये सामाजिक दबाव में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। इसलिये व्यक्ति को विवाह के लिये कानूनी आयु और निश्चित स्तर तक शिक्षा और वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने के बाद विवाह की योजना बनानी चाहिए।
शारीरिक स्वच्छता की दी जानकारी :
पांचवें सप्ताह के अंतिम सत्र में पीसी पंकज चौरसिया, परामर्शदाता हेमंत चंद्रौल प्रशिक्षण में पहुंचे। यहां उन्होंने उपस्थित साथिया, आशा कार्यकर्ता से चर्चा की। चर्चा के दौरान साथिया को शारीरिक स्वच्छता के बारे में विस्तार से बताया। जिसमें उन्हें बताया कि स्वच्छता बनाए रखना, विशेष रूप से माहवारी के दौरान साफ सफाई लड़कियों के लिए प्राथमिकता होना चाहिए। प्रजनन अंग को स्वच्छ रखना, रोजाना नहाना, रोजाना साफ सूती अंडरवियर पहनना और माहवारी के कपड़ों को रखने से पहले उसे साबुन और साफ पानी से धोकर धूप में सुखाने की आदत अपनानी चाहिए। उन्हें बताया गया कि सूरज की गर्मी से न केवल कपड़े सूखते है बल्कि उनके कीटाणु भी मरते है। सूखे कपड़े को एक साफ, नमी मुक्त स्थान पर रखना चाहिए, नियमित उपयोग के कपड़ों को साफ बैग में रखना चाहिए। इसके साथ किशोरों को भी अपने प्रजनन अंगों की साफ सफाई रखना चाहिए।