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216 विद्यालयों के सभी शिक्षकों को दिया ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण: महिष्मती सीटीसी ट्रेनिंग सेन्टर में की गई थी प्रशिक्षण की व्यवस्था

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216 विद्यालयों के सभी शिक्षकों को दिया ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ का प्रशिक्षण

216 विद्यालयों के सभी शिक्षकों को दिया ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ का प्रशिक्षण

मंडला. समग्र शिक्षा अभियान के तत्वाधान में उमंग जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम मध्यप्रदेश राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2017 से समग्र शिक्षा अभियान सेकेंडरी एजुकेशन अंतर्गत कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के सभी हाई/हायर सेकेंडरी स्कूलों में संचालित किया जा रहा है। उमंग कार्यक्रम के अंतर्गत ही श्रेष्ठ समाज के निर्माण में लड़कों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यूएनएफपीए एवं उनकी सहयोगी संस्था बीजीएमएस के तकनीकी सहयोग से उज्जवल बदलाव हमसे है, प्रशिक्षण मार्गदर्शिका का निर्माण किया गया है, मार्गदर्शिका का विमोचन इंदर सिंह परमार मंत्री स्कूल शिक्षा द्वारा 1 मई को किया जा चुका है। इस प्रशिक्षण मार्गदर्शिका पर 185 जिला स्तर पर शिक्षकों का दो-दो दिवसीय प्रशिक्षण भी भोपाल एवं इंदौर में दिया जा चुका है।

जिले में उज्जवल बदलाव हमसे है, श्रेष्ठ समाज में लडकों की कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए जिला स्तर पर समस्त हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के 1-1 शिक्षकों को राज्य स्तर से प्रशिक्षण प्राप्त रिसोर्स पर्सन के द्वारा तीन बैच में 12 से 17 तक दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाना है। जिसमे 216 विद्यालय से नामांकित शिक्षक का बैचवार महिष्मति सीटीसी ट्रेनिंग सेन्टर पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास प्रशिक्षण प्राप्त किया। संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम मुकेश पाण्डेय एपीसी/एडीपीसी समग्र शिक्षा मंडला की सतत मोनेटरिंग में राज्य स्तर के मास्टर ट्रेनर्स संजय सिंगौर हाईस्कूल तिलई, हरी शर्मा हाईस्कूल घटेरी, संगीता गुप्ता हायर सेकेण्डरी हवेली बम्हनी बंजर एवं लता गुरवानी कन्या हायर सेके महाराजपुर की उपस्थिति में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की नोडल गायत्री शुक्ला शास हाईस्कूल बिंझिंया रही। सुमित कुशवाहा द्वारा संपूर्ण प्रशिक्षण में तकनीकी सहायता की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 216 शिक्षकों ने अपनी सहभागिता दर्ज की है। प्रशिक्षण हेतु आवासीयए प्रशिक्षण हॉल, रिफरेस्मेण्ट भोजन आदि सभी व्यवस्था महिष्मती सीटीसी ट्रेनिंग सेन्टर के द्वारा की गई। समापन एपीसी मुकेश पांडे की उपस्थिति में हुआ।

प्रशिक्षण के समापन में एपीसी द्वारा नव नियुक्त उपस्थित शिक्षकों को विभाग की प्रमुख जानकारीयों से अवगत कराते हुए विद्यालयों में प्रवेश उत्सव मनाने के निर्देश दिए साथ ही यह भी बताया की कलेक्टर द्वारा किसी भी विद्यालय का औचक निरीक्षण किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान यदि कोई कमी पाई जाएगी तो संबंधित संस्था प्रमुख एवं शिक्षकों के विरूद्ध निश्चित रूप से कार्यवाही की जाएगी। दो दिवसीय प्रशिक्षण के प्रथम दिवस में समस्त प्रतिभागियों के द्वारा ऑनलाईन प्री टेस्ट दिया गया, प्रशिक्षक हरी शर्मा द्वारा कार्यक्रम का उद्देश्यए कार्यक्रम की रूपरेखा, नियम एवं अपेक्षाएं बताई, सकारात्मक पुरूषत्व के बारे में बताया गया। लता गुरवानी द्वारा उज्ज्वल भविष्य की ओर, समूह विभाजन एवं सत्र की तैयारी की गई, संगीता गुप्ता के द्वारा जेंडर नोर्म्स बदलने में लड़कों की भूमिका, उज्ज्वल मार्गदर्शिका का परिचय के बारे में बताया गया। संजय सिंगौर के द्वारा क्या है पुरूषत्व के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में प्रथम दिवस का प्रतिवेदन दिया गया। प्रशिक्षण के प्रतिभागियों के विभाजित समूह के द्वारा लड़कों द्वारा भेदभाव को चुनौती, हिंसा में कोई पुरूषत्व, घरेलू हिंसा को रोकने में लड़कों/पुरूषों की भूमिका, ना को स्वीकार करना, जिम्मेदारी में भागीदारी, हम है एक, हमारा अंदाज नया आदि विषयों पर गतिविधियों के साथ रोचक प्रस्तुती दी गई। प्रशिक्षण के समापन के समय पोस्ट टेस्ट लिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सभी व्यवस्था आजीविका मिशन महिष्मती सीटीसी ट्रेनिंग सेन्टर पर की गई।