
स्वयं और शिक्षकों पर भरोसा, विश्वास सफलता की कुंजी
मंडला. कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये समस्याएं अधिक अंकों की प्राप्ति, पालकों का दबाव, घर में काम की अधिकता या किसी अन्य कारण से हो सकती हैं। तनाव से बचने और परीक्षा में सफलता के लिए जिले में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालेए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त, बीए में चार स्वर्ण पदक प्राप्तकर्ता और पत्रिका 40 अंडर 40 में शामिल शिक्षक शक्ति पटेल ने परीक्षार्थियों को तनाव मुक्त रहने का आव्हान किया है। उन्होंने पत्रिका से की गई चर्चा के दौरान बताया कि यदि कुछ बातों को ध्यान में रखा जाए, तो परीक्षा में सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। आइए जानते हैं, कि शिक्षक शक्ति ने विद्यार्थियों क्या सुझाव दिए हैं। स्वयं और शिक्षकों पर भरोसा, विश्वास को सफलता की कुंजी माना जाता है। विद्यार्थियों को स्वयं और शिक्षकों पर विश्वास रखना चाहिए। विद्यार्थियों में यह विश्वास होना चाहिए कि शिक्षकों द्वारा दिया गया ज्ञान और आशीर्वाद उनके साथ है। यह भरोसा मनोवैज्ञानिक रूप से उनकी सफलता में काफी मददगार होता है। परफेक्ट आन्सर राइटिंग आन्सर शीट पर उत्तरों को परफेक्टली लिखें। परीक्षार्थियों को यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि जितना पूछा गया है, केवल उतना ही उत्तर लिखना चाहिए । शब्द सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए महत्वपूर्ण तथ्यों का समावेश उत्तरों में करना चाहिए। सबसे पहले प्रश्नों को बहुत अच्छी तरह से पढ़कर माइंड मैपिंग करें और फिर उत्तरों को लिखें।
पाठ्यक्रम पर फोकस परीक्षा के समय अनावश्यक पढ़ाई न करके पाठ्यक्रम की विषयवस्तु पर ही फोकस करना उपयुक्त होता है। मल्टीमार्किंग वाली विषयवस्तु का अध्ययन करने से अधिक अंकों की प्राप्ति हो सकती है। इकाइयों को, को-रिलेट करके पढऩे से तथ्य जल्दी समझ में आते हैं।
मस्तिष्क में थकान न होने दें मस्तिष्क में थकान न होने दें। कभी-कभी ज्यादा देर तक पढ़ते या सोचते रहने से मस्तिष्क में भारीपन व तनाव का अनुभव होता है। इससे बचाव के लिए प्रतिदिन ध्यान करना चाहिए । तनाव से बचने के लिए हल्की बीट्स वाला संगीत सुना जा सकता है या बीच-बीच टहला जा सकता है। घर में या परिचितों से कुछ देर गपशप भी की जा सकती है। जीवन कौशलों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त व्यवहार हमारे मन . मस्तिष्क को नियंत्रित रखता है। परीक्षा के दौरान दिनचर्या नियमित होनी चाहिए । समुचित नींद ए समय का उचित प्रबंधन तथा उत्तम कार्य व्यवहार होना चाहिए ।
रैपिड नोट्स का प्रयोग पढ़ी हुई बातों का रिविजन करने के लिए रैपिड नोट्स का सहारा लेना चाहिए। इनसे समय की काफी बचत की जा सकती है। अभ्यास के लिए पूरी लिखाई न करके फ्लोचार्ट से अभ्यास करना चाहिए। फ्लो चार्ट में हर एक बिन्दु को शामिल करने का प्रयास होना चाहिए।
पालक बनें सपोर्ट सिस्टम
पालकों द्वारा बच्चों का सपोर्ट एक महत्वपूर्ण पहलू है। पालकों द्वारा अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए क्योंकि हर एक बच्चा अपने आप में यूनिक है। हर एक बच्चे की क्षमता उसे अन्य बच्चों से भिन्न बनाती है। पालकों को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि केवल मेरिट में आने या अच्छे अंक लाने से कोई बच्चा महान नहीं बन जाता। हमें जीवन में अनेक ऐसे उदाहरण मिलते हैं, जिनमें बच्चों के कम अंक आए हैं लेकिन उन्होंने दुनिया में अपना नाम किया है। छात्र अच्छे अंकों के लिए प्रयासरत रहें, लेकिन उसके लिए परेशान न हों, पालक कुछ दिन बच्चों को अतिरिक्त कार्य न दें ।
Published on:
04 Feb 2024 01:05 pm
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