
22 साल की उम्र में सिविल जज बनी शिवानी
मंडला. कुछ कर गुजरने का जुनून और उस जुनून के लिए समर्पण व सच्ची लगन सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर देती है। आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले की एक बेटी ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जिससे उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन हुआ है। शहर के पड़ाव वार्ड में रहने वाले समाज सेवी चंद्रशेखर धुर्वे एवं आशा धुर्वे की बेटी शिवानी धुर्वे ने महज 22 वर्ष की उम्र में वह कर दिखाया है जो सालों साल मेहनत करने के बाद भी लोगों को हासिल नहीं हो पाता। शिवानी धुर्वे ने सिविल जज की परीक्षा पहले ही प्रयास में पास कर सिविल जज का पद प्राप्त किया है। हाल ही में सिविल जज परीक्षा 2017-18 के परिणाम घोषित किए गए जिसमें शिवानी धुर्वे ने सफलता हासिल की है। बताया गया है कि शिवानी ने अपनी स्कूली पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय पदमी से की है। अपने बेहतरीन शिक्षण का आधार वह अपनी स्कूली पढ़ाई को ही देती हैं। नवोदय विद्यालय के उत्कृष्ट अध्यापन ने उन्हें सिविल जज के इस पद तक पहुंचाया है। शिवानी ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल से की है। वर्तमान में वे अपनी एलएलएम की परीक्षा की तैयारी कर रही हैं।
माता पिता को दिया श्रेय
शिवानी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता को दिया है। उन्होंने कहा है कि सिविल जज सिविल बनने के पीछे उनकी प्रेरणा उनके पिता चंद्रशेखर धुर्वे रहे हैं। गरीबों को सहजता से न्याय मिले, गरीबों की सेवा हो सके और इस सेवा को पूरी निष्ठा के साथ किया जा सके। इसके लिए सिविल जज बनकर वह लोगों की वास्तविक सेवा करना चाहती हैं। शिवानी का कहना है की न्याय मानवीय जीवन को बहुत करीब से छूता है और वास्तविक सेवा लोगों को न्याय देना ही उनका उद्देश्य है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगी। शिवानी की इस सफलता के लिए उनके माता-पिता ने शिवानी के समर्पण और कड़ी मेहनत को श्रेय दिया है उनका कहना है कि अपनी पढ़ाई के प्रति शिवानी स्कूल के समय से ही काफी गंभीर थी और एक निश्चित लक्ष्य बनाकर अपनी पढ़ाई किया करती थी यह उसी का परिणाम है जो आज 22 साल की उम्र में बेटी शिवानी सिविल जज बन गई है।
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कॉलेज में बनेगी बाउंड्रीवॉल
मंडला. शासकीय रानी दुर्गावती स्नातकोत्तर महाविद्यालय पूर्व प्रोफेसर एवं वर्तमान विधायक संजीव उईके के महाविद्यालय प्रवास के दौरान प्राचार्य, प्राध्यापक एवं छात्रों द्वारा बाऊंड्रीवॉल की मांग की गई थी। जिसके लिए विधायक द्वारा पत्र एवं दूरभाष से मध्य प्रदेश शासन से निवेदन किया गया था। मध्यप्रदेश शासन के मंत्री द्वारा पत्र लिखा जा कर शासकीय रानी दुर्गावती महाविद्यालय मंडला की बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 60.06 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
Published on:
20 May 2018 06:17 pm
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