
नर्मदा को सहेजने आए किलेवासी, किलाघाट में चला अमृतम जलम अभियान
मंडला। चाहे बरसाती जल हो, नदी तालाबों से बहता पानी हो या भूजल, जल की एक एक बूंद बेशकीमती है और इसे बचाना जरूरी है, जल संरक्षण के लिए पत्रिका समूह द्वारा अमृतम जलम अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। रविवार को इसी अभियान का हिस्सा बने राजराजेश्वर वार्ड के युवा।
बेहद उथला है यह घाट
पत्रिका के अमृतम जलम अभियान में शामिल होकर नर्मदा की सफाई करने वाले युवाओं में की अगुवाई की गौ सेवा एवं रक्तदान संगठन के गौ सेवक और पदाधिकारी दिलीप चंद्रौल। रविवार की सुबह 9 बजे से नर्मदा के किला घाट पर गौ सेवक और स्थानीय युवक इक_ा होना शुरू हो गए। पिछले कई सालों से इस घाट के सीमेंटीकरण के लिए स्थानीय निवासियों के द्वारा जिला प्रशासन से अपील की जा रही है लेकिन आज तक इस घाट का सिमएंटीकरण नहीं होने के कारण यह घाट बेहद उथला है और किनारे से दूर तक इसमें बरसाती नालों के साथ बहकर आने वाली मिट्टी, कीचड़ और गंदगी इक_ा है।
नर्मदा का पानी तेजी से प्रदूषित हो रहा है
यही कारण है कि क्षेत्र में नर्मदा का पानी तेजी से प्रदूषित हो रहा है इसी प्रदूषित पानी की सफाई के लिए स्थानीय युवकों ने संकल्प लिया और मां नर्मदा के जयकारे लगाते हुए नर्मदा के पानी में कूद पड़े। वार्ड के 20 से 25 युवाओं ने घाट को एक सिरे से दूसरे सिरे तक साफ किया। घाट पर न सिर्फ प्रदूषित सामग्री बल्कि कबाड़ भी बड़ी मात्रा में फेंका गया था। इन सभी को निकाला गया, नर्मदा में दूर तक जमी मिट्टी, गंदगी को हाथों से निकाल निकाल कर बाहर किया। नर्मदा में जमी मिट्टी, कापु को निकालने का प्रयास किया गया। युवाओं ने अपने हाथों से ही नर्मदा में जमे गंदगी और कीचड़ को निकाल कर किनारे इक_ा करना शुरू किया। स्थानीय लोगों से अपील भी की कि नर्मदा में किसी भी तरह का प्रदूषित पदार्थ विशेष रूप से पॉलिथीन बिल्कुल ना फेंका जाए।
यह रहे शामिल
पत्रिका समूह के अमृतम जलम अभियान में शामिल होकर नर्मदा की सफाई की शुरुआत करने वालों में कल दिलीप चन्द्रौल, निकेश्वर पटेल, आकाश पटेल, प्रकाश नंदा, जय नंदा, नितिन नंदा, अनिल, सेवकराम, अमन, आदित्य, शंभू, अजय नंदा, सोम, अनिल पटेल आदि शािमल रहे।
Published on:
10 Jun 2019 12:52 pm
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