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समन्वय से कार्य करना ही सहकारिता : सारंग

सहकारिता विभाग में नया कैडर सिस्टम होगा लागू, कर्मचारियों के प्रमोशन के खुलेंगे रास्ते, आएगी पारदर्शिता

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Co-ordination work by cooperative: Sarang

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मंडला. सहयोग और समन्वय से कार्य करना ही सहकारिता है। सहकारिता के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। यह बात मध्यप्रदेश शासन के सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत तथा पुर्नवास पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विश्वास सारंग ने मंडला एवं डिंडोरी जिले के सहकारिता प्रतिनिधियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। विश्वास सारंग ने कहा कि जन कल्याण की भावना के साथ सहकारिता अब जन आंदोलन बनते जा रहा है। प्रदेश के विकास में सहकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण है। सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार सहकारिता के माध्यम से कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए संकल्पित है। किसानों को सक्षम बनाने के लिए सरकार द्वारा न केवल शून्य ब्याज पर ऋण दिया जा रहा है बल्कि दिए गए ऋण पर 10 प्रतिशत का अनुदान भी दिया जा रहा है जिसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले 4 वर्षों में प्रदेश की कृषि विकास दर 25 प्रतिशत बढ़ी है। इसी प्रकार कृषि भूमि का रकबा भी लगातार बढ़ते जा रहा है। उद्यानिकी फसलों का उपार्जन करने वाली मध्यप्रदेश सरकार देश की पहली सरकार है। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार गोदाम एवं समिति कार्यालयों का निर्माण कराया जाएगा। विश्वास सारंग ने कहा कि अगले 10 दिनों में सहकारिता विभाग में नया कैडर सिस्टम लागू किया जाएगा जिससे कर्मचारियों के प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे वहीं उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। सहकारिता प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों का अनुशासन में रहने का आव्हान करते हुए उन्होंने कहा कि बिना सहकार नहीं उद्धार के नारे को अब बिना संस्कार नहीं उद्धार के रूप में आत्मसात करना चाहिए।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद संपतिया उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती मरावी, विधायक निवास, रामप्यारे कुलस्ते, रतन ठाकुर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शैलेष मिश्रा, सहकारी बैंक के अध्यक्ष शोभित मरावी, उपाध्यक्ष संतोष रजक, टीएस मिश्रा, संचालक एवं कृषि उपज मंडी बिछिया के अध्यक्ष सुनील नामदेव, संचालक सुधीर कसार, महेन्द्र ठाकुर, जगदीश रजक, प्रसाद दास, नगर पंचायत बिछिया के अध्यक्ष बिजेन्द्र कोकडिया, नरेश चंद्रोल, प्रफुल्ल मिश्रा, सुषमा मिश्रा, रोचीराम गुरवानी, सहायक पंजीयक सहकारिता पीपी तिवारी, सहायक आयुक्त आलोक दुबे, जिला सहकारी बैंक महाप्रबंधक एनके कोरी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद संपतिया उइके ने कहा कि सहकारी संस्थाएं किसानों के लिए वरदान साबित हो रहीं हैं। सरकार सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिए सतत प्रयास कर रहीं है। सहकारिता को विकास की प्राथमिक इकाई के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती मरावी ने कहा कि सहकारी संस्थाओं से जुड़ते हुए किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं, उनकी आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और वे खेती को व्यवसाय के रूप में अपनाने की ओर अग्रसर हैं। विधायक निवास रामप्यारे कुलस्ते ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सहकारिता आंदोलन के माध्यम से कुटीर एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर रतन ठाकुर, बिजेन्द्र कोकडिय़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम के दौरान अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन सुनील नामदेव एवं सुधीर कसार द्वारा किया गया एवं आभार संतोष रजक ने किया। इस अवसर पर सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।