मंडला. एक तरफ बेरोजगारी चरम पर है तो दूसरी तरफ यदि कभी कोई अवसर पर मिलते हैं, तो इनमें कई बार ये भर्ती प्रक्रिया ही राजनीति की भेंट चढ़ जाती है। हाल ही में आए पटवारी परीक्षा परिणामों में भी कुछ यही स्थिति सामने आई है। कई सालों बाद पटवारी परीक्षा हुई इसके बाद जैसे रिजल्ट घोषित हुए तो उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन की नहीं रही और प्रदेश के एक ही परीक्षा केन्द्र के अधिकांश छात्र-छात्राओं के अधिक अंक आने पर शंका के साथ विरोध शुरू हो गया। लगातार विरोध के बाद अब सरकार ने इस परीक्षा के आधार पर होने वाली नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। अन्य युवाओं का कहना है कि एक ही परीक्षा केन्द्र के अधिकांश परीक्षार्थियों के अंक ज्यादा आए हैं।
व्यापमं घोटाले की तरह की गई गड़बड़ी
युवा कांग्रेस ने पटवारी परीक्षा परिणामों में सामने आई गड़बड़ी को लेकर स्थानीय चिलमन चौक में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस अखिलेश सिंह ठाकुर ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की भ्रष्टाचारी सरकार में बार-बार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता रहा है एक बार फिर शिवराज के शासनकाल में व्यापम की पटवारी परीक्षा में भ्रष्टाचार सामने आया है, जिसका युवा कांग्रेस मंडला ने विरोध प्रकट किया है। ठाकुर ने कहा कि वे योग्य युवाओं की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। व्यापम की परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार के विरोध में चिलमन चैक में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। जिसमें जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, महिला कांग्रेश एवं समस्त कांग्रेसजन शामिल रहे।
140 लाना मुश्किल, मिले 180 अंक
शुक्रवार को युवा कांग्रेस ने पटवारी परीक्षा परिणामों में सामने आई गड़बड़ी के बाद विरोध प्रदर्शन किया। वहीं पटवारी परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों ने भी एक ही परीक्षा केन्द्र के परीक्षार्थियों के उम्मीद से ज्यादा अंक आने को लेकर शंका प्रकट करते हुए जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त परीक्षा केंद्र के इतने कठिन पेपर में अन्य परीक्षा केंद्रों के अभ्यार्थी जहां 140 नंबर नहीं ला पाए, वहीं ग्वालियर के इस केंद्र के अभ्यर्थियों ने 188 अंक तक हासिल किए है। युवाओं ने इसमें घोटाले की संभावना जताई है और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। जिसमें उन्होंने ने पटवारी परीक्षा की निष्पक्ष न्यायिक जांच सहित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिले के अन्य अभ्यार्थियों ने भी कलेक्ट्रेट गेट पर पटवारी परीक्षा में घोटाले का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने शिवराज सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर पटवारी परीक्षा में हुए घोटाले की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। युवाओं ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 पटवारी परीक्षा में घोटाला हुआ है। परीक्षा परिणाम में टॉप 10 में से 7 छात्रों का परीक्षा केंद्र एनआरआई कॉलेज ग्वालियर है। 9 हजार अभ्यर्थियों में से अधिकतर चयनित अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र एनआरआई कॉलेज था। जिसमें ज्यादातर टॉपर्स के हस्ताक्षर हिंदी में हैं। एक ही परीक्षा केंद्र से इतने टॉपर आना घोटाला होने की संभावना प्रकट हो रही है।
बता दें कि लगातार विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने इस परीक्षा के आधार पर की जाने वाली नियुक्तियों पर रोक लगा दी है और अब संबंधित सेंटर के परीक्षा परिणामों की जांच की बात कही गई है।