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बारिश से लबालब भरे डेम, किसानों को राहत

दो दिन के बारिश का असर दिखा जलाशयों में

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बारिश से लबालब भरे डेम, किसानों को राहत

बारिश से लबालब भरे डेम, किसानों को राहत

मंडला. पिछले दो दिनों से हुई लगातार मूसलाधार बारिश से जिले के जलाशय लबालब भर चुके हैं। बारिश के चलते बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। जिसमें मटियारी व थांवर बांध के एक एक गेट खोले गए हैं। बताया जा रहा है कि पर्याप्त बारिश होने और जलाशयों के लबालब होने के कारण किसानों को साल भर पानी मिल सकेगा। रबी सीजन में नहरों के माध्यम से पानी उपलब्ध हो सकेगा जिससे उत्पादन भी बढ़ेगा। जानकारी के अनुसार, मूसलाधार बारिश होने के कारण थावर नदी के बीजे गांव डैम का गेट नंबर 5 खोला गया। थावर नदी बीजे गांव डैम का जलस्तर 481 घन मीटर पहुंच चुका है। गेट खोलकर 19.5 घनमीटर प्रति सेकेंड की दर से थावर नदी में जल प्रवाहित किया गया। इसी तरह मेटियारी डेम का भी एक गेट खोला गया है। इसके पूर्व प्रशासन ने चेतावनी जारी कर निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सचेत कर दिया था।
किसानों को राहत
गुरुवार-शुक्रवार को हुई बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। वर्तमान में धान की फसल फूल में है। जिसके चलते खेत में नमी होना आवश्यक है। नमी न होने पर विभिन्न प्रकार के रोंगो का खतरा भी बढ़ जाता है। जिला मुख्यालय के आसपास औघटखपरी, सुकतरा, वरगंवा, पदमी, पुरवा, बिनैका, कटरा, गौंझी आदि क्षेत्रों के लिए पानी अमृत बन कर गिरा है। किसानों ने राहत की सांस ली है। इसी तरह समय समय बारिश होते रहने से किसानों ने उत्पादन बढऩे की उम्मीद जताई है।
घरों में भरा पानी
रुक रुक कर हो रही तेज बारिश ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। शुक्रवार की सुबह जहां लोग तेज धूप से परेशान थे वहीं दोपहर को दो बजे अचानक मौसम बदला और आधे घंटे झमाझम बारिश हुई। जिससे लोगो को गर्मी से राहत मिली है। गुरुवार की दोपहर लगभग एक घंटे और रात आठ बजे के बाद हुई कुछ समय की तेज बारिश ने शहरी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित कर दी। सुभाष वार्ड में लोंगों के घरों में पानी घुस गया। कॉलोनी की सड़कों में दो से तीन फीट तक पानी रहा। लोग पानी निकालने के लिए रात भर मशक्कत करते रहे। बारिश रुकने के बाद पूरे परिवार के साथ छोटे छोटे बर्तनो से लोग घरों से पानी को बाहर किया। पानी के कारण का गृहस्थी का पूरा सामान भीग गया। वार्डवासियों का कहना है कि नियमित सफाई न होने के कारण नालियां कचरे से जाम हो जाती है। लगभग एक सप्ताह पानी नहीं गिरने से नालियों में कचरा जमा हो गया था। अचानक हुई तेज बारिश के कारण पानी निकासी की व्यवस्था नहीं बन सकी। नतीजा यह हुआ कि लोगों के घरों तक पानी घुस गया।