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त्रिवेणी संगम में पसरी है गंदगी

श्रृद्धालुओं को होती है परेशानी

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त्रिवेणी संगम में पसरी है गंदगी

त्रिवेणी संगम में पसरी है गंदगी

मंडला. नर्मदा नदी का हर तट पावन है लेकिन संगम स्थल का ऐतिहासिक महत्व है। जो नगर पालिका की उपेक्षा का शिकार है। संगम स्थल पर स्नान दान करने वाले श्रृद्धालुओं को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक श्रृद्वालुओं के लिए प्रसादी तैयार करने का परिसर भी कचरा और गंदगी से भरा पड़ा है। इस ओर नगर पालिका सफाई अमला बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। स्थानीय वार्ड पार्षद के द्वारा भी सफाई कार्य नहीं कराया जा रहा है। बताया गया है कि महाराजपुर स्थित नर्मदा और बंजर नदी का संगम स्थल है। इस वार्ड का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसी वार्ड में वह संगम स्थल है जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां पर डुबकी लगाने से जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है लेकिन इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि जिस संगम पर लाखों लोगों की आस्था है वह संगम ही साफ सुथरा रहवासी एरिया से लगा होने के बाद भी अनेदखी का शिकार है। रोज सैंकड़ो की संख्या में लोग पहुंचते है और दिनभर नर्मदा के तट पर कार्यक्रम करते है लेकिन सफाई के अभाव में श्रृद्वालुओ को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। लंबे अरसें घाट की सफाई नहीं कराई गई है। इतना ही नहीं मंदिर परिसर के आसपास श्रृद्धालुओ की सुविधा के लिए बनाए गए शेड या परिसर में कभी झाडू नहीं लगी है। परिसर में कूड़ा और कचरा का ढेर लगा हुआ है। नगर पालिका का इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। इतना ही वार्ड पार्षद के द्वारा मौके पर निरीक्षण भी नहीं किया जाता है। इसके चलते आमजनो को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
परिसर के आस पर जगह-जगह दिख रही गंदगी
संगम स्थल महाराजपुर का तट एक ओर कापू का टापू बन गया है जो घाट बनाए गए थे वह काफी दूर हो गये है। नर्मदा हर साल घाट से दूर होती जा रही है। तट पर बड़ी मात्रा में प्लास्टिक पॉलीथिन के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक जमा हो रही है। यह कचरा कभी साफ ही नहीं किया जाता है। जो कुछ दिनों में नर्मदा जल के साथ बह जाता है या फिर तट पर पड़ा रहते हुए दफन होता है। इससे ना सिर्फ नदी की प्रकृति प्रभावित हो रही है जलीय जीव भी इसके शिकार हो रहे है।
शेड के नीचे गंदगी
भोजन प्रसाद बनाने के लिए यहां मंदिर के पास शेड बनाया गया है लेकिन उक्त स्थल पर कभी सफाई नहीं कराई जाती है। यहां श्रृद्धालु भी आते है भोजन बनाने के बाद जस का तस छोड़ा और चले जाते है। यहां की समितियां भी देखरेख नहीं कर रही है। इसके कारण शेड में कचरा का अंबार है। यहां पर चारो तरफ कचरा फैला हुआ दिखाई देता है लेकिन नगर पालिका का अमला बेहतर ढंग से कभी सफाई नहीं करता है। जयंती अवसर पर ही विशेष सफाई कराई जाती है इसके अलावा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे गंदगी बढ़ रही है। धुलाई नहीं होने के कारण दुर्गन्ध भी आती है। पेयजल की समस्या रहती है। नगर पालिका बारिश होने का इंतजार कर रही है। जिससे घाट में जमा गंदगी और शेड की धुलाई हो जाए। मांग की गई है कि संगम स्थल