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Video Story :- विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल, 39 पद स्वीकृत, 29 रिक्त

मेडिकल कॉलेज की आस लगाए लोगों को विशेषज्ञों की भी नहीं मिल रही सलाह

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मंडला. जिला अस्पताल के लिए साल 2022 भी बीते साल जैसे ही गुजरा यहां चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह से बदहाल रही और मरीजों को वो इलाज नहीं मिल पाया, जिसकी उम्मीद लेकर वो आते है। बात डॉक्टरों की करें तो वे भी दिन-रात की डयूटी और ओवरटाइम से तंग आ चुकें है, क्योंकि जितने डॉक्टर यहां होने चाहिए उसके एक तिहाई भी उपलब्ध नहीं हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों से लोग जिला मुख्यालय के सबसे बड़े अस्पताल में ये सोचकर आते हैं कि यहां चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होगी, लेकिन चिकित्सकों और बाकी के स्टॉप की कमी से जूझ रहे जिला चिकित्सालय तो बीते कई सालों से खुद ही बीमार चल रहा है। जिला चिकित्सालय के लिए 39 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन सिर्फ 9 डॉक्टर ही यहां सेवा दे रहे हैं। जिला अस्पताल इन दिनों खुद ही बीमार और लाचार परिस्थितियों में हैं। अस्पताल में सभी सुविधाएं होने के बावजूद दूर-दराज से आने वाले मरीज यहां से निराश ही लौट जाने के लिए मजबूर हैं। दरअसल, यहां विशेषज्ञ और मेडिकल अधिकारी के पद खाली पड़े हैं, जिससे ओपीडी और इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो रही है।

खाली रहती हैं कुर्सियां

जिला अस्पताल में त्वचा रोग, मनो रोग, ईएनटी जैसी कई गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद कई दिनों से खाली पड़े हैं। जो विशेषज्ञ डॉक्टर अस्पताल में हैं उन्हें भी जिला अस्पताल के सरकारी कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे मरीजों को ज्यादा वक्त दे पाना संभव नहीं हो पा रहा। गर्मी और मौसमी बिमारियों के चलते अस्पताल में दिनों-दिन मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यहां एक दिन में 150 से 250 मरीज पहुंचते हैं। एक तरफ मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है, लेकिन इसकी तुलना में चिकित्सकों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। आदिवासी बाहुल्य जिले में चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को भारी दिकक्तों का सामना करना पड़ रहा है।

धूल फांक रही सोनोग्राफी मशीन

मेडिकल कॉलेज की आस लगाए जिलेवासियों को अस्पताल में भी समूचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। 14 माह से रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण सोनोग्राफी मशीन भी धूल फांक रही है। विशेषज्ञ डॉक्टर तथा मेडिकल ऑफिसर की कमी भी वर्षों से बनी हुई है। यहां वर्तमान में स्वीकृत 39 डॉक्टरों के पदों में से सिर्फ 9 ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें प्रथम व द्वितीय श्रेणी के डॉक्टर व विशेषज्ञ शामिल हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन विशेषज्ञ और डॉक्टरों की कमी को लेकर स्वास्थ्य विभाग से लगातार पत्राचार करता आ रहा है, लेकिन उसके बाद भी स्वीकृत पदों को भरना तो दूर, कुछ विशेषज्ञ की मांग तक पूरी नहीं हो पाई है। जिला अस्पताल में मेडिसिन, सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट के पद रिक्त होने से लगातार अव्यवस्था बनी हुई है। सबसे ज्यादा समस्या मेडिकल ऑफिसर की कमी को लेकर सामने आ रही है। 39 स्वीकृत पदों में से वर्तमान में सिर्फ 9 पद भरे हुए हैं। जिसमें से रिक्त पद 29 है।

क्र. विशेषज्ञ स्वीकृत रिक्त कार्यरत

1 चिकित्सा विशेषज्ञ 4 3 1

2 शल्कक्रिया 4 3 0

3 शिशु रोग 7 5 2

4 स्त्रीराग 4 0 4

5 अस्थिरोग 4 4 0

6 नेत्ररोग 2 2 0

7 रोडियोलॉजी 3 2 1

8 पैथालॉजी 3 3 0

9 निश्चेतना 4 3 1

10 एएनटी 2 2 0

11 दंतरोग 1 1 0

12 क्षय रोग 1 1 0

कुल 39 29 9