
skelton of elephant
मंडला.निवास. अपने साथी से बिछडऩे के बाद दूसरा जंगली हाथी ने अक्रामक रूप ले लिया है। जबलपुर से हाथी वापस मंडला की सीमा में प्रवेश कर लिया है। बीजाडांडी व आसपास हाथी ने दो लोंगो को घायल भी कर दिया। जानकारी के अनुसार सिवनी जिले से विचरण करते हुए 2 हाथी मंडला जिले के अहमदपुर, घाघा के जंगलों में 13 अप्रैल 2020 को देखे गए थे। नर्मदा नदी पार करके 14 अप्रेल 2020 को तिंदनी बीट में देखे गए थे। इन हाथियों का जोड़ा पश्चिम वन मंडल मंडला के परिक्षेत्र मंडला में लगभग एक सप्ताह तक भ्रमण करता रहा और उसके पश्चात नर्मदा नदी पार करके पूर्व सामान्य वन मंडल मंडला की मधुपुरी बीट में प्रवेश किया। दोनो जंगली हाथी बिछिया मोतीनाला से होते हुए कान्हा के जंगलों में विचरण करने लगे। लगभग 8 माह का समय मंडला के जंगलो में बिताने के बाद हाथी जबलपुर की और रूख कर लिया। एक हादसे में इन दो जंगली हाथियों में से एक हाथी की शिकारी द्वारा बिछाये गए करंट से मौत हो गई। जिसके बाद इन दोनों राम बलराम का जोड़ा टूट गया। जिसके कारण दूसरा हाथी अक्रामक हो गया है।
वापस मंडला जिले की सीमा में प्रवेश करते ही बीजाडांडी वन परिक्षेत्र में अपना आपा खोया एक हाथी ने दो ग्रामीणों पर हमला कर घायल कर दिया। एक ग्रामीण के घर की बाड़ी में घुसकर नुकीले दांतों से पीठ पर हमला कर घायल कर दिया। वहीं खेत में काम कर रहे दूसरे ग्रामीण को सूंड से धक्का दे दिया। गुस्साए हाथी ने उसे रौंदने का भी प्रयास किया, लेकिन उसने भाग कर जान बचाई। दोनों घायल को वन विभाग व डायल 100 की मदद से बीजाडांडी अस्पताल पहुंचाय गया। जहां से जबलपुर रेफर कर दिया गया। हादोनों घायल खतरे से बाहर बताये गए हैं। घायल रामकुमार यादव को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अपना आपा खोया हाथी अपने साथी की मौत से नाराज बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी अनुसार खतरनाक हो चुके राम हाथी का रेस्क्यू करने के लिए कान्हा व पेंच के डायरेक्टर मंडला वन विभाग की टीम के साथ उसे ट्रेंक्युलाइज करने की कोशिश कर रहे हैं।
अक्रामक हाथी ने दांत से किया हमला
जिले से जबलपुर सीमा में प्रवेश किए इन जंगली हाथियों का लोकेशन पता करने मंडला जबलपुर के वन विभाग का अमला लगा हुआ है। लेकिन लोकेशन पता करने में सफलता नहीं मिल पाई। इसी बीच रविवार को एक हाथी द्वारा दो लोगों को घायल करने की खबर विभाग को लगी। जंगली हाथी बरेला परिक्षेत्र से मनेरी होते हुये बीजाडांडी वन परिक्षेत्र पहुंच गया। जहां उसने सबसे पहले बीजाडांडी क्षेत्र के ग्राम भैंसवाही निवासी भगत सिंह बैगा पिता गणेश बैग 55 वर्ष टिकरा टोला निवासी को घायल कर दिया। बाएं पीठ पर कंधे के पास हाथी ने अपने दांत मार दिए। जिससे वह लहूलुहान हो गया। घटना के समय भगत सिंह अपने घर के पास खलिहान में काम कर रहा था। यहां ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह खेतों की ओर भाग गया। वहीं रामकुमार पिता कामता प्रसाद यादव 54 वर्ष निवासी पोंड़ी नगरार 29 नवंबर की शाम खेत के पास काम कर रहा था। उस समय हाथी चिंघाड़ते हुए आया और उस पर हमला कर दिया। ग्रामीण समूह में भाला, ढोल आदि लेकर हाथी से बचने की तैयारी में बैठे हुए हैं। दहशत में कोई घर से नहीं निकल रहा है और न ही खेतों में जा रहा है।
सिवनी में हाथी के हमले से मृत हो चुका एक ग्रामीण
पिछले कई महिनों से दूसरे प्रदेश से भटके हुए अप्रावासी जंगली का जोड़ा आतंक मचाया हुआ था। जोड़ो में चल रहे इन हाथियों को ग्रामीणों ने राम बलराम नाम दिया। विगत अप्रैल माह में जिला सिवनी के तहसील घंसौर में महुआ एकत्र कर रहे एक ग्रामीण पर हमला कर दिया था। जिसमें उस ग्रामीण की मौत हो गई थी। जिसके बाद हमला करने की जानकारी नहीं मिली। लेकिन रविवार को मंडला जिले के बीजाडांडी क्षेत्र में इन अप्रावासी हाथी में एक हाथी ने दो व्यक्तियों पर जान लेवा हमला कर घायल कर दिया। बताया गया कि ये जंगली हाथी ओडिशा से भटक कर करीब 20 हाथियों का झुंड मप्र पहुंचा। यहां हाथियों के झुंड से दो हाथी भटक गए। जिसके बाद ये दो हाथी की लोकेशन कान्हा बताई गई। जिसके बाद ये हाथी सिवनी, मंडला, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडोरी के वन क्षेत्रों में विचरण कर रहे थे।
कान्हा के हाथी पहुंचे रेस्क्यू करने
कान्हा टाइगर रिज़र्व के चार हाथी रेस्क्यू करने पहुंचे है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे है। बताया गया है कि सोमवार सुबह हाथी को कालपी निवास मार्ग के जंगलों में देखा गया है। यहां वे घुघरी समनापुर के गांव में दिखा है। रविवार शाम को हाथी की लोकेशन गवारा, सिघनपुरी, टिकरिया क्षेत्र में देखी गई थी। सोमवार की शाम तक हाथी की लोकेशन मंडला रेंज के में बताई गई। हाथियों को लेकर क्षेत्रीय लोगों में सनसनी है। जिसके लिए वन विभाग द्वारा लगातार अलर्ट जारी कर रहा है। विगत 19 नबंवर से हाथियों को लेकर वनविभाग वन मंडल पश्चिम समान्य के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को लाउडस्पीकर द्वारा अवगत कराया जा रहा है कि सभी हाथियों से दूर रहें जिससे किसी भी प्रकार की जन धन की हानि न हो। सावधान और सतर्क रहें। वन विभाग द्वारा गठित टीम गांव गांव जाकर लाउड स्पीकर द्वारा लोगों को बताया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति रात में घर से बाहर न निकले और जो व्यक्ति कृषि या अन्य कार्यों से बाहर है वो सभी घर में आ जाये, जंगलों में प्रवेश न करें, रात्रि के समय घर से बाहर न निकलें वन क्षेत्रों से लगे ग्रामों में कच्चे मकानो में और भी ज्यादा सतर्क रहें। हाथी से सामना होने पर भारी आवाज या किसी भी प्रकार के मसाल जलाकर दूर करें जंगल में आग ना लगायें ऐसा करने से हो सकता है की हाथी गांव में प्रवेष कर सकता है। हाथी से किसी भी प्रकार की दोस्ती या जोर जोर जबरदस्ती न करें और न ही किसी प्रकार के खाने का सामान दें हाथी को देखते ही उससे दूरी बनाकर तुरन्त वन विभाग को सूचित करें।
Published on:
01 Dec 2020 12:18 pm
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