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मुसीबत बना पड़ाव मार्ग, दुकानों का सामान सड़क पर रखकर किया जा रहा अतिक्रमण

नगर पालिका सहित यातायात विभाग के जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

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मुसीबत बना पड़ाव मार्ग, दुकानों का सामान सड़क पर रखकर किया जा रहा अतिक्रमण

मुसीबत बना पड़ाव मार्ग, दुकानों का सामान सड़क पर रखकर किया जा रहा अतिक्रमण

मंडला. शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण स्थायी समस्या बन गया है। चौराहों, सड़कों, बाजारों में बढ़ रहे अतिक्रमण से शहर के सौंदर्य पर ग्रहण लगा रहा है। वहीं दुकानदारों के सामान बाहर सड़क पर रखकर बेचने के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम के हालात भी बन रहे हैं। इस वजह से लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है।

इसके अलावा बाजार में ऑटो ड्राइवर आपनी गाड़ियों को सड़क पर कहीं भी खड़ी कर रहे हैं। इस कारण से सड़कें सिकुड़कर गई है। स्थाई-अस्थाई अतिक्रमण शहर के लिए गंभीर समस्या बन रहा है। आमजनो को सड़को पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। दुकानों का सामान निकालकर सड़क पर रखा जा रहा है। जिस जगह पर ग्राहकों के वाहन खड़े होने चाहिए। वहां दुकानदारो बड़े-बड़े बोर्ड लगा रखे है। इस वजह से सड़क पर यातायात प्रभावित है। व्यापारियो के द्वारा मनमानी की जा रही है। अव्यवस्था को सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे है। नगर पालिका का अमला कभी सड़क पर निकलता ही नहीं है। यही वजह है कि समस्या का हल अब तक स्थाई रूप से नहीं निकल पाया है। बताया गया है कि नगर पालिका मंडला के द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पिछले छह साल से नहीं की गई। पहले न्यायालय या फिर प्रशासन के आदेश से ये कार्रवाई होती रही है लेकिन लंबे समय से अतिक्रमण या कब्जा नहीं हटाया गया है। पूरा बाजार क्षेत्र और मुख्य सड़क अतिक्रमण के अव्यवस्थित है। बस स्टैंड से लेकर चिलमन चौक, पड़ाव मार्ग, तहसील तिराहा, बड़ चौराहा उदय चौक, बुधवारी हर जगह से सड़क पर दुकानें लग रही हैं। इस वजह से लोगो को आवाजाही में कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बाजार में दुकानों की संख्या बढ़ी है लेकिन व्यवस्था के नाम पर कोई प्लान नगरीय निकाय के पास नहीं है। यहां त्यौहारों के सीजन के अलावा आम दिनों में भी ग्राहकों की भीड़ रहती है। अतिक्रमण की समस्या भी यहां सबसे ज्यादा है। बड़ी बड़ी दुकानों का सामान सड़क पर रखा होता है। कपड़े के दुकानदार सड़क पर सेल लगाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक शोरूम संचालक सड़क पर ही कूलर, पंखे रखते हैं। इतना ही नहीं बर्तन बेचने वाले बड़े दुकानदार भी सड़क पर दस फीट आगे तक बर्तन जमाते हैं। बस स्टैंड रोड पर अलमारी, बिस्तर पेटी बेचने वालों का कब्जा है तो चिलमन चौक, तहसील तिराहा रोड पर भी दुकानदारों का सामान फुटपाथ घेर रहा है। सभी जगह समस्या एक ही है। अतिक्रमण के कारण दूसरी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। वाहनों को रखने जगह नहीं मिलती जिसके कारण जाम के हालात बनते हैं।

जाम के हालात

बस स्टैंड में इस कदर अतिक्रमण है कि हर दिन यहां जाम लग जाता है। स्टैंड में बस के जाने तक की जगह नहीं मिलती है। यहा स्टैंड में फल, अंडे और चाय नाश्ते के ठेले जमे हुए है। कई वर्षों से अस्थाई दखल की दुकाने जमी हुई है। अंडे नाश्ता विक्रय करने वाले शराब का अवैध विक्रय भी करते है। जिसके चलते शाम के समय भीड़ लगी रहती है। जिनके कारण स्टैंड में बसों के लिए जगह नहीं मिलती है। जो सड़क पर कई बार 15 से 20 मिनट खड़ी रहती है। जाम लग जाता है। डिवाईडर और बना देने से समस्या बढ़ गई। वाहन चालकों को कई तरह की परेशानी होती है।
दुकानदारों ने सड़क पर किया कब्जानगर की जनता को मॉडल सड़क का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। यहां के दुकानदारो के द्वारा सड़क पर कब्जा कर लिया गया है। इनकी विक्रय साम्रगी दुकान कम सड़क पर अधिक नजर आती है। जैन मंदिर के आसपास की सड़क संकीर्ण है। इसके बाद भी दुकानदारों के द्वारा सड़क पर साम्रगी सजा ली जाती है। यहां आज तक नगर पालिका ने सख्ती से एक बार भी कार्रवाई नहीं की है। जिससे अब दुकाने सड़क तक रोजाना जम रही है। नगर पालिका के पदाधिकारी व अधिकारी रोजाना देख रहे है लेकिन कार्रवाई नहीं होने से जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रही सही कसर ऑटो और टैक्सी चालक पूरी करते है। इस मार्ग से गुजरने वालो लोगो की समस्या अधिक है। उनकी छोटी सी गलती चालको को भारी पड़ सकती है। यहां यातायात पुलिस खड़ी रहती है। मॉडल सड़क निर्माण के बाद इस मार्ग पर कभी अतिक्रमण हटाने कोई कार्रवाई नहीं हुई और ना ही दुकानदारों को चालान काटा गया है।