
नर्मदा नदी में मछुआरे बेखौफ पकड़ रहे मछली
मंडला. मानसून शुरू होते ही जिला प्रशासन ने दो माह के लिए मत्स्य आखेट को प्रतिबंधित कर दिया है। कुछ दिनों तक आदेश का पालन भी हुआ। इसके बाद सब कुछ पुराने ढर्रे पर चलने लगा। शहर में ही कई स्थानों पर लोग मछलियां पकड़ते देखे जा रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर रहा। इसका पूरा फायदा मछली पकड़ने वाले उठा रहे हैं।
चोरी छिपे तो दूर दिन में खुलेआम शहर के नजदीक नर्मदा नदी में भी जाल फेंके जा रहे हैं। रपटा घाट के आसपास, सहस्त्रधारा, रंगरेज घाट के पास, किला घाट के पास मछुआरों को मछली मारते देखा जा सकता है। इतना ही नहीं खुलेआम व्यापारी मछलियों का विक्रय भी करते नजर आ रहे, लेकिन इस पर कार्यवाही करने में विभाग पूरी तरह से नाकाम दिखाई दे रहा है। बाजार समेत मुख्यालय के आसपास भारी तादाद में मछलियां बिकने के लिए आ रही हैं। कार्रवाई के नाम पर विभागीय अमला केवल औपचारिकता का ही निर्वहन करते नजर आ रहा है। कभी कभी कभार कार्यालय से निकल बाजार पहुंचते हैं और मछलियों को जब्त कर वहीं नीलाम कर दी जाती है। मछली के शिकार को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
मंगलवार को दिन में ही सहस्त्रधारा में चार पांच नाव के सहारे जाल फेंककर मछली मारी जा रही थी। जिन्हें रोकने के लिए वहां कोई मौजूद नहीं था। गौरतलब है कि सस्त्रधारा तक बरगी जलाशय का पानी जमा होता है जहां बड़ी बड़ी मछलियां मिलती है। यहां मछली मारने के लिए ठेकेदारी व्यवस्था है। जो मछुआरा समूह के माध्यम से मछली मरवाते हैं। लेकिन 15 जून से 15 अगस्त तक यहां भी मछली मारने का सिलसिला जारी है। ठेकेदार के लोग भी मत्स्यखेट रोकने में रुचि नहीं ले रहे हैं। शहर के नजदीक ही इसतरह मत्स्याखेट से मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्र चिन्ह लग रहा है।
नहीं बढ़ रही संख्या
जानकारी अनुसार प्रजनन काल में मछलियों का उत्पादन प्रभावित ना हो इसके लिए शासन स्तर से मछली के शिकार पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस प्रतिबंधात्मक आदेश के पालन के लिए जिम्मेदार मछली पालन विभाग को मत्स्याखेट रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंडला जिले के नदी, नाले, जलाशय से जमकर मत्स्याखेट किया जा रहा है। मछुआरे जाल फैला रखे है। नर्मदा में डोंगी से मछलियो की तलाश की जा रही है लेकिन मछली पालन विभाग और पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है।
यहां चल रहा मत्स्याखेटमछलियो के आखेट के बाद बाजार में खुलेआम इसका विक्रय किया जा रहा है। मंडला के मछली बाजार, कारीकोन तिराहा, कटरा, देवदरा के रमपुरा क्षेत्र, बिछिया, घुघरी, बम्हनी, अंजनिया, निवास, बीजाडांडी, नारायणगंज में विक्रय हो रहा है। अंडे वाली मछली बेंची जा रही है। बरगी बांध के डूब क्षेत्र से भी मत्स्याखेट हो रहा है। चिरईडोंगरी और ग्वारी, बबैहा समेत फूलसागर के पास बड़ी-बड़ी मछली का आखेट कर जिला मुख्यालय और जबलपुर भेजी जा रही है। महाराजपुर थाना के सिलपुरा के आसपास मत्स्याखेट किया जाता है। इसके बाद मछली को वाहनो में लोड कर मंडला लाया जा रहा है। नगर में हनुमान घाट, रंगरेज घाट, नाव घाट, संगम घाट में मछुआरे बंशी डालकर बैठे देखे जा सकते है।
विभागीय दल समय समय पर निरीक्षण करता है। पुलिस की भी मदद ली जाती है। हाल ही में अंजनियां से लगभग 160 किलोग्राम मछली जब्ती की कार्यवाही की गई है। बरगी जलाशय में मत्स्याखेट रोकने कार्रवाई की जाएगी।
एलएस सैयाम, सहायक संचालक मत्स्योद्योग
Published on:
26 Jul 2023 11:33 am
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