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चार कचरा घर को ग्राम से बना दिया बाहर, पंचायत नहीं दे रही ध्यान, संक्रमण का खतरा

नौ कचरा घर बने, फिर भी गंदगी का आलम

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चार कचरा घर को ग्राम से बना दिया बाहर, पंचायत नहीं दे रही ध्यान, संक्रमण का खतरा

चार कचरा घर को ग्राम से बना दिया बाहर, पंचायत नहीं दे रही ध्यान, संक्रमण का खतरा

चार कचरा घर को ग्राम से बना दिया बाहर, पंचायत नहीं दे रही ध्यान, संक्रमण का खतरा
मंडला। जिले में स्वच्छता अभियान को नजर अंदाज किया जा रहा है। यहां नगर पालिका, नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि साफ सफाई पर ध्यान नहीं दे रहे है। जहां-तहां कचरे के ढेर लगे हुए है, जिससे संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पंचायतों में सफाई समय-समय पर नहीं कराई जा रही है। यहां लापरवाही व उदासीनता के चलते कचरों का अंबार लग रहा है। कचरा घर के बाहर और मार्ग किनारे कचरे के ढेर संक्रमण को न्यौता दे रहे है।
जानकारी अनुसार जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम पंचायत बिनैका में ग्राम से निकलने वाले कूड़ा कचरा के निष्पादन के लिए कचरा घर की उचित व्यवस्था पंचायत द्वारा बनाई गई। जिससे ग्राम के मार्ग किनारे और ग्राम में गंदगी ना फैल सके। इसके साथ ही ग्राम में कुछ स्थानों को छोड़कर नालियां भी बनाई गई है, लेकिन कचरे निष्पादन और नालियां होने के बावजूद कचरा घर औचित्यहीन साबित हो रहे है। ग्राम बिनैका में करीब 09 कचरा घर बनाए गए है, जो ग्राम के लोगों के काम नहीं आ रहे है। ग्राम बिनैका में स्वच्छता अभियान भगवान भरोसे ही है। यहां कचरा घरों में कचरा की जगह, कंडा, पैरा रखा जा रहा है, नालियां गंदगी पटी पड़ी है। जिसके कारण ग्रामीण परेशान है।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत द्वारा साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नियमित रूप से सफाई नहीं कराई जा रही है। यहां कचरा घरों में लगे डेर का निपाटन भी पंचायत द्वारा नहीं कराया जा रहा है। जिससे यहां रख कचरा हवा में फैल रहा है। ग्राम में कचरा घर बेकार साबित हो रहे है। रहवासी क्षेत्र से दूर- दूर कचरा घर बनाए गए है, जो किसी काम के नहीं है। जिसके कारण लोगों को कचरा फेंकने में परेशानी उठानी पड़ रही है। नालियो की सफाई भी महीनो तक नहीं कराई जाती। स्थानीय लोगों ने पंचायत से नियमित साफ- सफाई कराने की मांग की है।

कचरे में दबा स्वच्छ भारत अभियान:
कोरोना महामारी के दौरान जहां कोरोना की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन की भारी लापरवाही और उदासीनता के कारण शहरी समेत ग्रामीण क्षेत्रों में लोग गंदगी के बीच रह रहे है। स्वच्छता को लेकर शासन, प्रशासन दावे तो करते है लेकिन इनके नुमाईदें स्वच्छता अभियान को सकार करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बने कचरा घर भी बेकार पड़े। कचरा घर को जहां बनना चाहिए, वहां ना बनकर अयंत्र स्थान में बनाया गया है। चलाये जा रहे स्वच्छ भारत अभियान जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में फैली गंदगी व कचरे के ढेरों में दब कर रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत सिर्फ कागजों में ही स्वच्छता अभियान चला रही है।
कचरा घर में रख रहे कंडे और पैरा :
बता दे कि ग्राम बिनैका को स्वच्छ और साफ सुथरा रखने के लिए करीब 09 कचरा घर बनाए गए है। जिससे ग्राम के लोग घर से निकलने वाला कचरा घर के बाहर या नालियों में ना डाले। लेकिन पंचायत द्वारा बनाए गए कचरा घर औचित्यहीन साबित हो रहे है। इन कचरा घरों का उपयोग लोग कचरा डालने के वजाए उसमें पैरा, कंडा रख रहे है। ग्राम में एक दो कचरा घर को छोड़कर बने सभी कचरा घर किसी काम के नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि रहवासी क्षेत्र में जहां कचरा घर बनाना चाहिए था, वहां कचरा घर ना बनाकर थोड़ा दूर कचरा बनाया गया है। जिससे लोग कचरा फेंकने जाने में कतरा रहे है।
ग्राम से बाहर बना दिए चार कचरा घर:
बिनैका क्षेत्र में कचरा निपाटन के लिए कचरा घर तो बनाया गया है, लेकिन इसका उपयोग ग्रामीण कचरा फेंकने में नहीं कर पा रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम के मुहाने में पानी टंकी के पास एक कचरा घर बना है, इसके बाद बस्ती के अंदर चार कचरा बनाए गए है। बाकी के चार कचरा घर ग्राम के बाहर हरदहा मोहल्ले के आगे बनाए गए है। जिसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। ये चारों कचरा घर करीब 50 मीटर की दूरी में बनाए गए है। एक साथ इतने करीब चार कचरा घर बनाने पर प्रश्र चिन्ह खड़ा कर रहा है। इन कचरा घरों में दो कचरा घर फुल हो चुके है। जिनका कचरा बाहर तक फैल गया है।