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हैंडपंप नहीं कर रहे काम, झिरिया के पानी से प्यास बुझा रहे कटंगी के ग्रामीण

ग्राम पंचायत की मांग के बाद टैंकर से नहीं पहुंचा पानी

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हैंडपंप नहीं कर रहे काम, झिरिया के पानी से प्यास बुझा रहे कटंगी के ग्रामीण

हैंडपंप नहीं कर रहे काम, झिरिया के पानी से प्यास बुझा रहे कटंगी के ग्रामीण

निवास. जिला स्तरीय बैठकों में लगातर पेयजल की समस्या को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए जा रहा हैं। खास कर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां गर्मी के दिनो में पीने के पानी का संकट छा जाता है वहां परिवहन व्यवस्था बनाने की बात कही जा रही है। लेकिन जमीनी हाकीकत कुछ और ही है। यहां सरपंच सचिव की मांग के बाद भी जल संकट को नजर अंदाज किया जा रहा है। हम बात कर रहें हैं बीजाडांडी जनपद क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलनगरी के पोषक ग्राम कटंगी की जहां भीषण जल संकट की स्थिति बनी हुई है। जिससे ग्रामीण जन परेशान हैं और यह स्थिति जल जीवन मिशन का समय में काम पूरा न होने के चलते बनी हुई है। बढ़ती गर्मी के साथ हालत यह हो गए हैं कि लोगों को झिरिया के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। जिसका पानी शुद्ध हो इसकी भी कोई गारंटी नहीं है।

बांध का पानी कम होने के बाद बढ़ा जल संकट

निस्तारी के लिए पानी तो समीप से गुजरने वाले नाले से मिल जाता है, लेकिन पीने के पानी के लिए लोगों को झिरिया खोदना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार टोला के समीप से गुजरने वाले नाले में बांध का निर्माण किया गया है। बांध का पानी का सिंचाई में उपयोग करने के बाद फरवरी-मार्च में ही पानी खत्म हो जाता है। इसके बाद पानी के उपयोग के लिए ग्रामीण बांध के ऊपर नदी में झिरिया का खनन कर लिया है। झिरिया से रिसने वाले पानी से ही प्यास बुझा रहे हैं। ग्राम पंचायत कुद्दु सिंह ने बताया समान्य दिनो में झामल नदी के पानी का उपयोग करते हैं। वहीं 200 मीटर दूरी पर स्टॉफ डेम बना हुआ है जिसका उपयोग मवेशियों के प्यास बूझाने के लिए किया जाता है।