
जांच के बाद हाई रिस्क महिलाओं को किया चिन्हित, मिलेगा बेहतर इलाज
मंडला. जिले में प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता एवं कवरेज को बढ़ावा देने और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच, निदान एवं परामर्श सेवाओं के कवरेज में सुधार की दृष्टि से जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इसके साथ ही जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी एवं जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें जीवन रक्षक टीके लगाए गए। सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते ने बताया कि अब 9 तारीख के अतिरिक्त 25 दिसंबर को भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आयोजित किया जाएगा।
जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस शनिवार को मनाया गया। जिले के विकासखंड नारायणगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में 108 गर्भवर्ती महिलाओं का जांच की गई। जिसमें 11 महिलाएं हाई रिस्क की चिन्हित की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीजाडांडी में आयोजित शिविर में 41 महिलाएं पहुंची। जिसमें सभी 41 महिलाओं की जांच की गई। जांच में 05 महिलाएं हाई रिस्क की चिन्हित की गई। इस दौरान 04 महिलाओं को आयरन सुक्रोज लगाया गया, वहीं 41 महिलाओं को आयरन की टेबलेट दी गई। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घुघरी में 40 गर्भवती महिला, मवई स्वास्थ्य केन्द्र में 85 गर्भवती महिला, बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 34 गर्भवती महिला, नैनपुर सिविल अस्पताल में 82 गर्भवती महिला, मोहगांव स्वास्थ्य केन्द्र में 29 गर्भवती महिला समेत निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 40 गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण जांच की गई।
प्रसव पूर्व की सभी जांच
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज के सीबीएमओ डॉ. एएल कोल ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में आईं सभी गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों द्वारा प्रसव पूर्व सभी जांचें, यूरिन जांच, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिफलिस, हीमोग्लोबिन व पेट से जुड़ी अन्य जांच की निशुल्क सुविधा दी। इसके साथ ही नव दंपति व परिवार नियोजन लाभार्थियों को स्वस्थ परिवार खुशहाल परिवार के लिए परामर्श भी दिया गया।
प्रत्येक माह की 09 तारीख को मनाया जाता है यह दिवस
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने गर्भवती महिला की बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, प्रसव पूर्व जांच एवं उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया कराने के लिए पीएमएसएमए दिवस प्रत्येक माह की नौ तारीख को मनाया जाता है। इस दिवस पर चिकित्सा केन्द्रों पर तैनात चिकित्सक एवं चिकित्सीय स्टाफ द्वारा प्रसव पूर्व जांच की गई। जांच के बाद उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को चिन्हित किया गया व उच्च स्तरीय इकाई पर संदर्भित किया गया एवं निशुल्क दवा, आवश्यक चिकित्सीय व पोषण परामर्श भी दिया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ एवं संतुलित खान-पान, आयरन की गोली खाने की सलाह भी दी गई।
गर्भावस्था में 180 आयरन की गोलियों का सेवन जरूरी
बता दे कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर बहुत ही सजग रहने की आवश्यकता है। इस दौरान गर्भवती महिला संतुलित और स्वस्थ आहार का सेवन करना चाहिए। जिससे गर्भस्थ शिशु को भी बेहतर आहार मिलता रहे। इसके साथ ही गर्भवती महिला को प्रसव पूर्व सभी जांचें कम से कम चार बार अवश्य करानी चाहिए। जिससे उन्हें समय पर चिकित्सीय परामर्श मिलता रहे। गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को कम से कम 180 आयरन की गोली का सेवन करना चाहिए, जिससे रक्त अल्पता की बीमारी को दूर किया जा सके।
हाई रिस्क की पहचान
बताया गया कि गर्भवती महिलाओं की जांच के दौरान यदि किसी गर्भवती में कोई गंभीर लक्षण जैसे तेज बुखार, तेज सिरदर्द, धुंधला दिखना, त्वचा का पीलापन होना, दौरे पडऩा, उच्च रक्तचाप, रक्तस्राव, हाथ पैरों या चेहरे पर सूजन, भ्रूण का कम हिलना या निकलना आदि दिखते हैं तो उन्हें उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में रखा जाता है। उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सीय सुविधा दी जा सके और सुरक्षित प्रसव कराया जा सके।
Published on:
11 Dec 2023 03:56 pm
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