
Kadaknath will invite villagers in the courtyard
भाईबहिननाला. ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग मुर्गी पालन को अपनी आमदनी का स्त्रोत बना सके। इसके लिए पहले उन्हें मुर्गी पालन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त ग्रामीण मुर्गी पालन को अपनी जीविका के साथ व्यवसायिक रूप भी दे सकेंगे। शनिवार को उपसंचलक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ भारती पाठक एंव जिला नोडल अधिकारी डॉ आरएम भुरमुड़े के निर्देशन में पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉ वर्षा तरवरे ने मवई विकासखंड के ग्रामीणों के बीच चूजा का वितरण किया। वर्षा तरवरे ने बताया कि केंद्रीय बैकयार्ड कुकुक्ट प्रदाय परियोजना के अंतर्गत ग्रामीणों के बीच प्रथम चरण में प्रायोगिक तौर पर दो हजार चूजों का वितरण किया गया है। यह चूजा वितरण मवई विकासखंड के सहजपुरी, मझगांव , मोतीनाला, भीमडोंगरी, लालपुर, अंजनी, मवई, पखवारे, सेदा, मेढ़ाआदि ग्राम पंचायत पंचायत के गांव में 2 प्रकार के चूजा वितरित किए गए। जिसमें नर्मदा निधी और कड़क नाथ प्रजाति के चूजा शामिल हैं। इन दोनों प्रजाति के चूजा 45 से 50 दिनों में बढ़ कर एक से लेकर 1.5 किलोग्राम वजन तक के हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इन्हें पालना बहुत आसान है। इसका मुख्य वजह यह है कि दोनों प्रजाति के चूजे घूम-घूम कर अपने लिए भोजन खोज लेते हैं। कड़कनाथ और नर्मधानिधि चूजा बीमार भी बहुत कम होते हैं। जिसके कारण मुर्गी पालक ग्रामीणों को जोखिम नही उठाना पड़ता है। कड़कनाथ प्रजाति के चूजे 100 से लेकर 150 अंडे और नर्मदा निधि प्रजाति के चूजे बड़े होकर 160 से लेकर 180 अंडे तक देने में सक्षम हैं। इसके साथ ही पशु चिकित्सा विभाग द्वारा समय-समय पर ग्रामीणों को सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एंव क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, पशु चिकित्सा अधिकारी दल से रंजीत मरकाम घुटास, एआर सिंगोरेरे, विपत लाल धुर्वे, सम्मल सिंह मरकाम, सरपंच लालपुर, सचिव राधेश्याम बंजारा, अक्षय परते आदि उपस्थित रहे।
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जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा सम्पन्न
मंडला. कलेक्टर सूफिया फारुखी ने जिला योजना भवन में जिला स्वास्थ्य समिति के कार्यो की समीक्षा की। बैठक में अनमोल एप एवं आरसी एच पोर्टल, ब्लड बैंक एवं ब्लड स्टोरेज की क्रियाशीलता, मानव संसाधन, प्रसव केन्द्र की क्रियाशीलता, एएनसी सेवायें, संस्थागत प्रसव एवं गृह प्रसव, टीकाकरण कार्यक्रम पोषण पुनर्वास केन्द्र, दस्तक अभियान, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, आशा कार्यक्रम, विकासखंडवार आशा प्रोत्साहन राशि, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण कार्यक्रम, सिविल निर्माण कार्य, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, अंधत्व निवारण कार्यक्रम, स्टोर में दवाओं की उपलब्धता, औषधी एवं खाद्य नमूनों की जानकारी तथा मातृत्व मृत्यु दर आदि विषयों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर मनोज कुमार ठाकुर, श्रीनाथ सिंह, मनोज मुराली आदि उपस्थित रहे।

Published on:
12 Dec 2017 11:42 am
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