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कृषि विज्ञान केन्द्र को मिला ए ग्रेड

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा कामकाज के मूल्यांकन के आधार जारी की गई रेटिंग

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कृषि विज्ञान केन्द्र को मिला ए ग्रेड

कृषि विज्ञान केन्द्र को मिला ए ग्रेड

मंडला। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा हाल ही में देश भर में संचालित 625 कृषि विज्ञान केन्द्रों की उनके कामकाज के मूल्यांकन के आधार पर रेटिंग सूची जारी की गई है। रेटिंग में मध्य प्रदेश जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय के अंतर्गत संचालित 20 कृषि विज्ञान केन्द्रों में से कृषि विज्ञान केन्द्र मंडला सहित 11 केन्द्रों को ए ग्रेड मिला। इस सूची मे 12 वी पंचवर्षीय योजना तक शुरू किये गये कृषि विज्ञान केन्द्र को ही शामिल किया गया है। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ विशाल मेश्राम ने बताया कि प्रमुख चार मुद्दों पर तय होती है। कृषि विज्ञान केन्द्रों रेटिंग जो कि कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा पिछले पांच वर्षों के मूल्यांकन के आधार पर जारी की जाती है इनके मूल्याकंन में अधोसंरचना पर 15 प्रतिशत अंक, तकनीकी आकलन प्रसार एवं प्रशिक्षण पर 35 प्रतिशत अंक, मुख्य गतिविधियों के प्रभाव पर 30 प्रतिशत अंक, तथा सहयक गतिविधियों एवं पुरूस्कारों पर 20 प्रतिशत अंक रखे गये हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा किये गये मूल्याकंन में 76 से 100 प्रतिशत अंक पाने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रो में शामिल किया गया है। 51 से 75 प्रतिशत अंक पाने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रो को बी श्रेणी में तथा 26 से 50 प्रतिशत अंक पाने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रो को सी श्रेणी में और 0 से 25 प्रतिशत अंक पाने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रो को डी श्रेणी में रखा गया है। कृषि विज्ञान केन्द्र मंडला के वैज्ञानिक डॉ आरपी अहिरवार ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र मंडला द्वारा जिले में कृषि विज्ञान के प्रचार प्रसार में कृषक हितेशी कार्यों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। किसानों को फसलों की उन्नत खेती से संबंधित जानकारी, फसलों की नई किस्मों, उन्नत तकनीकी, जैविक खेती के लिए जवाहर जैव उर्वरक, जैविक कीटनाशक, केचुआ खाद, समन्यवित पोषक तत्व प्रबंधन, समन्यवित कीट प्रबंधन, किसान मोबाईल संदेश, महिला सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण, युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, वृक्षारोपण, जवाहर कृषि संदेश, उद्यानिकी प्रशिक्षण, तथा मिट्टी परीक्षण एवं संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के माध्यम से करो और सीखो के आधार पर विस्तारपूर्वक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। केन्द्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ प्रणय भारती ने बताया कि उन्नत पशुपालन अंतर्गत पशु नश्ल सुधार, विभिन्न रोगों का उपचार एवं रोकथाम, नेपियर चारा उत्पादन, एजोला, हाइड्रोपोनिक्स चारा उत्पादन एवं मुर्गी पालन, खरगोस पालन आदि पर प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन निष्पादित किये जा रहे है। साथ ही विभिन्न रोगों के लिये टीकाकरण कार्यक्रम तथा कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम भी चलाए जा रहे है जिसमें डॉ पीके ज्योतिषि पशुचिकित्सक एवं डॉ सुमित पटैल पशुचिकित्सा विस्तार अधिकारी मंडला का सहयोग मिल रहा है। भारत सरकार के निर्देशन पर किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा वर्तमान में सेटेलाइट विलेज कार्यक्रम के अतंर्गत 3 ग्रामों डुंगरिया, खुक्सर, मूढ़ाडीह में विभिन्न कृषि सबंधित कार्यक्रम निष्पादित किये जा रहे है। जिसमें मुख्यत: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अंतर्गत दलहन (अरहर उन्नत किस्म टी जे टी 501) एवं तिलहन (रामतिल जेएनसी 9) पर प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन, कृषकों के भूमि का मिट्टी परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य पत्रक उपलब्ध कराना, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन तथा अन्य जागरूकता कार्यक्रम जैसे गाजर घांस उन्मूलन, स्वच्छता, फसल अवशेष प्रबंधन शीघ्र एवं उत्तम गुणवत्ता की जैविक खाद तैयार करने के लिए कचड़ा अपघटक का उपयोग, वृक्षारोपण, वर्षा जल संरक्षण, ग्रामीण छात्रों के लिए पोषक आहार प्रबंधन एवं उन्नत पशुपालन अंतर्गत संतुलित आहार प्रबंधन एवं मुर्गीपालन विशेषत: कडक़नाथ एवं नर्मदा निधि पालन पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न कृषि विस्तार गतिविधियों में समय समय पर जिले के अन्य विभागों कृषि विभाग, आत्मा परियोजना, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि अभियांत्रिकी, रेशम विभाग, कृषि साख समितियां एवं गैर शासकीय संस्थान जैसे आसा संस्था, रिलांइस फाउंडेसन संस्था, कान्हा प्रोड्यूसर संस्था आदि का कन्वर्जेन्स के माध्यम से कृषक हितैसी कृषि विस्तार एवं कृषि उन्नत तकनीकी किसानों तक पहुचाने में सहयोग किया जा रहा है। केन्द्र को इस उपलब्धि तक पहुचाने में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ विशाल मेश्राम एवं वैज्ञानिक डॉ आरपी एवं डॉ प्रणय भारती तथा कार्यक्रम सहायक विजय सिंह सूर्यवंशी सहित अन्य विभागों से एसएस मरावी उपसंचालक कृषि विभाग मण्डला, सलिल धगट परियोजना संचालक (आत्मा), पूर्व उपसंचालक डॉ भारती पाठक एवं वर्तमान उपसंचालक पशुचिकित्सा सेवायें डॉ एमएल मेहरा, ज्ञानेन्द्र सिंह उपसंचालक (उद्यानिकी), अमित पांडे सहायक संचालक कृषि, आरडी जाटव मृदा परीक्षण नोडल अधिकारी एवं सहायक संचालक कृषि, आत्मा उपपरियोजना डॉं आरके सिंह, मधुअली सहायक संचालक कृषि, त्रिभुवन द्विवेदी प्रभारी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, अखिलेश वर्मा जिला प्रबंधक (नाबार्ड), रणवीर सिंह, जिला प्रबंधक (लीड बैंक), पंकज निम्बाडक़र, आसा संस्था से शरद मिश्रा, जेडीएस से स्वपनिल, एफ.ईएस से मनोहर एवं बालाघाट से आये राबे कृषि छात्रों का भी योगदान रहा।