
प्रेमी ने की थी दिव्यांग युवती की हत्या
मंडला
थाना महाराजपुर के चौकी हिरदेनगर में 10 जुलाई की दरमियानी रात दिव्यांगंग महिला के अंधे कत्ल का खुलासा हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 11 जुलाई को सुबह जिला अस्पताल मंडला से सूचना मिली की चौकी हिरदेनगर, थाना महाराजपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम हिरदेनगर की एक महिला पप्पी बाई पिता मुन्नू नंदा 28 वर्ष की अज्ञात कारणों से मौत हो गई है। अस्पताल से प्राप्त सूचना पर थाना महाराजपुर में मर्ग कायम करते हुए मृतिका की मां के कथन लिए गए। पुलिस को दिए कथन में मृतिका की मां ने बताया कि मृतिका पप्पी बाई अविवाहिता थी। 10 जुलाई की रात करीब ११-१२ बजे नींद खुली तो देखा कि पुत्री पप्पी अपने बिस्तर में नहीं थी। खोजबीन करने पर वह घर के बाहर पड़ी हुई थी। इलाज के लिए अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर द्वारा मृत होना बताया गया।
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पीएम रिपोर्ट से चौंकी पुलिस
मृतिका पप्पी बाई के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि मृतिका 4 से 5 माह की गर्भवती थी और उसकी मौत गला दबाने से हुई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपी की तत्काल पतासाजी व गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी मंडला एव्ही सिंह द्वारा उचित दिशा निर्देश थाना प्रभारी महाराजपुर व चौकी प्रभारी हिरदेनगर को दिए गए। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए प्रकरण में प्रारंभ से ही मुख्य संदेही अंडा दुकान संचालक राकेश पिता भंगीलाल सरोते निवासी हिरदेनगर से कड़ाई से पूछताछ की गई। राकेश सरोते ने बताया कि मृतिका पप्पी बाई अक्सर उसकी दुकान पर अंडा लेने आया करती थी जिस कारण पप्पी से उसकी बातचीत होती रहती थी। करीब 7 माह से आरोपी ने मृतिका के साथ अवैध संबंध होना और मृतिका के गर्भवती हो जाने के कारण मृतिका को कई बार गर्भपात कराने के लिए कहा। मृतिका द्वारा मना करने पर बदनामी के डर से 10 जुलाई की रात में करीब 11 बजे उसकी हत्या कर दी। इसके लिए पहले युवती के घर के दरवाजे पर कंकड़ मार कर बाहर बुलवाया, जब पप्पी बाई बाहर आई तो आरोपी राकेश ने पूरी ताकत से पप्पी का गला दबा दिया। इस दौरान जब मृतिका की मौत हो गई तो उसे उसके घर के बाहर ही आंगन में बनी पार पर बैठा दिया और उसके बाद चुपचाप अपने घर जा कर सो गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी महाराजपुर संदीप पवार, चौकी प्रभारी हिरदेनगर बलजीत सिंह, उप निरीक्षक मधु मेरावी, परिवीक्षाधीन उपनिरीक्षक मनीषा, प्रधान आरक्षक शिव शंकर राजपूत, आरक्षक सेवा नाविक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रकरण में उचित कार्यवाही के लिए पूरी टीम को इनाम देने की घोषणा की गई है।
Published on:
17 Jul 2018 07:15 pm
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