
Minister of Railways has inaugurated the train on Broadgase as soon as it gets its flag
मंडला. नैनपुर. नैनपुर से जबलपुर जाने के लिए तैयार खड़ी फूलों से लदी और दुल्हन की तरह सजी नैनपुर ब्राडगेज की स्पेशल रेलगाड़ी को २८ नवंबर की शाम लगभग ५.४५ बजे रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन ने आयोजन स्थल पर बने मंच से ही रिमोट दबाकर रवाना किया। इसी के साथ जिलेवासियों का दशकों पुराना सपना पूरा हो गया। जबलपुर सांसद राकेश सिंह गार्ड के डिब्बे से हरी झंडी देकर खुद भी गाड़ी के साथ जबलपुर के लिए रवाना हुए। बुधवार से तीन पैसेंजर रेल गाड़ी अपने समय निर्धारण पर चलेगी। रेल मार्ग से नैनपुर-जबलपुर की दूरी १२३ किमी है। इसके लिए यात्रियों को ३० रुपए का किराया वहन करना होगा। जानकारी के अनुसार, उक्त सफर लगभग ४ घंटे का रहेगा। कार्यक्रम में रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन के अलावा मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, जबलपुर सांसद राकेश सिंह, राज्य सभा सांसद सम्पतिया उईके, मंडला विधायक संजीव उईके सहित रेलवे के आलाधिकारी मौजूद रहे। मंत्री गोहेन ने उम्मीद जताई कि जिला मुख्यालय भी जल्द ही इससे ब्राडगेज से जुड़ जायेगा। लोकार्पण समारोह के दौरान रेलवे स्टेशन पर स्थानीय लोग उमड़ पड़े। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मंत्री गोहेन नेरोगेज रेलवे म्यूजियम का उद्घाटन भी किया।
रेल मंत्री के आगमन पर नगर मे पुलिस व्यवस्था चौकस रही कार्यक्रम के एक दिन पूर्व ही आरपीएफ के जवान और कामाण्डो के द्वारा स्टेशन परिसर व रेल्वे कालोनी मे अपना पहरा जमा दिया और रेल्वे स्टेशन छावनी मे तबदील रहा। नैनपुर पुलिस थाना के नगर निरीक्षक राजेन्द्र मोहन दुबे के द्वारा यातायात से लेकर सुरक्षा को लेकर अपने जवानो को तैनात रखा। जानकारी के अनुसार, सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को जबलपुर से एक ट्रेन नैनपुर में पहुंच गई। इसी को रेल राज्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर नैनपुर से जबलपुर के लिए रवाना किया। रेलवे ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। जगह-जगह रेल पुलिस तैनात रखने के भी निर्देश दिए गए। मंच पर अतिथियों की बैठने की सूची बनाई गई। मंच पर सिर्फ आमंत्रित सदस्यों के बैठने की ही व्यवस्था की गई थी। रेलवे के माध्यम से कार्यक्रम का संचालन किया गया। आधिकारिक जानकारी अनुसार , नैनपुर से जबलपुर की ओर 3 फेरे और जबलपुर से नैनपुर के 3 फेरे लगाए जाएंगे।
ग्वारीघाट से नैनपुर ट्रेन के संबंध में अधिकारियों का यह कहना है कि शुभारंभ में टाइम टेबल ऐसा बनाया गया है जिससे जनता को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। ग्वारीघाट से छूटने के पीछे जबलपुर प्लेटफार्म व्यस्त होने के कारण अभी एक ट्रेन ग्वारीघाट से छोडऩे का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 110 किलोमीटर की दूरी यह ट्रेन 4 घंटे में तय करेगी। लंबे समय से इस ब्रॉडगेज का इंतजार यहां के आदिवासी अंचल एवं महाकौशल क्षेत्र के लोग कर रहे थे। 1999 में चालू हुई इस गेज कन्वर्शन योजना जिसकी दूरी 225 किलोमीटर थी जिसे बनने में लगभग 18 साल बीत गए। उसके बाद सिर्फ 110 किलोमीटर तक का कार्य पूरा हो पाया है। 30 अक्टूबर 2015 को इस नैरोगेज ट्रेन को मेगा ब्लॉक के रूप में चारों दिशाओं में जाने वाली ट्रेन को बंद कर दिया गया था। 2 साल की अवधि के बाद नैनपुर से जबलपुर के बीच के ट्रैक व रेल मार्ग को पूरा कर लिया गया है।
जिले वासियों को मिले दिल्ली-भोपाल की ओवर नाइट ट्रेनों का लाभ
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संजय सिंह परिहार के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने रेल राज्य मंत्री राजेन गोहांई से मांग की है कि मंडला नैनपुर-सिवनी-छिंदवाड़ा ब्राडगेज परिवर्तन कार्य को तय समय सीमा में कराया जाए। ताकि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिये नागपुर जाने में सुविधा हो सकें। साथ ही नैनपुर से बालाघाट गेज परिवर्तन कार्य को गति प्रदान की जायें एवं नई दिल्ली सुपर फास्ट (गोंडवाना एक्सप्रेस) एवं भोपाल ओवर नाइट ट्रेनों की बोगियों का मंडला मुख्यालय से लिंक कराया जाए ताकि मण्डला-डिंडोरी-शहडोल के लोगों को देश एवं प्रदेश की राजधानी पहुंचने में सुविधा हो सकें। जिला मुख्यालय से रेल्वे स्टेशन मण्डला फोर्ट का ब्राडगेज रेल लाईन कार्य पूर्णता की ओर है किन्तु मंडला रेल्वे स्टेशन अंतिम स्टेशन होने के कारण जबलपुर रेल्वे जक्शन से नैनपुर-बालाघाट होकर गोदिंया रेल्वे जक्शन की ओर जाने वाली ब्राडगेज रेल लाईन में न होने के कारण इस मार्ग से होकर जाने वाली ट्रेनों का लाभ इस क्षेत्र के नागरिकों को उपलब्ध नहीं हो सकेगा। मंडला स्टेशन से 35 किमी दूर जबलपुर-गोदिंया रेल लाईन में स्थित पिंडरई रेल्वे स्टेशन तक नई ब्राडगेज रेल लाईन स्वीकृत किया जाए ताकि जबलपुर जक्शन से गोदिंया जक्शन की ओर जाने वाली सभी ट्रेन जबलपुर से पिंडरई-मंडला-नैनपुर-बालाघाट होकर गोदिंया रेल्वे जक्शन आवागमन कर सकें और इस मार्ग में मंडला स्टेशन भी शामिल हो।
लंबा रहा संघर्ष का सफर
जिले में बड़ी रेल लाइन की शुरआत के लिए लंबा संघर्ष किया गया था। रेलवे संघर्ष समिति ने कई आंदोलन और पद यात्राएं की। तत्कालीन मंडला सांसद कांग्रेस बसोरी सिंह मसराम ने तात्कालीन रेल मंत्री ममता बैनर्जी से इसे स्वीकृत कराया था। नैनपुर में जब आखरी छोटी लाइन की ट्रेन चली थी तब अमान परिवर्तन कार्य स्वीकृति का श्रेय
लेने कांग्रेस और भाजपा में होड़ लगी हुई थी। आज जब नैनपुर से बड़ी लाइन की पहली ट्रेन रवाना होने जा रही है तो भी श्रेय लेने की होड़ अपने शबाब पर है। नैनपुर - घंसौर नई बड़ी रेल लाइन का लोकार्पण और यात्री गाड़ी के शुभारंभ के लिए नैनपुर रेलवे स्टेशन को शानदार तरीके से सजाया गया। स्थानीय लोगों ने नैनपुर नगर को भी सजाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। व्हाट्सएप्प पर नगरवासियों ने एक दूसरे के साथ पूरे जिले में बधाई सन्देश प्रेषित किया। भाजपा इसके लिए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते का आभार जता रही है। वहीं कांग्रेस इसका श्रेय अपने नेता कमलनाथ को दे रही है।
Published on:
29 Nov 2017 04:12 pm
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