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निर्माण के पांच साल के बाद ही बदहाल हो गया मॉडल स्कूल

कक्षों में भर जाता है बारिश का पानी

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निर्माण के पांच साल के बाद ही बदहाल हो गया मॉडल स्कूल

निर्माण के पांच साल के बाद ही बदहाल हो गया मॉडल स्कूल

मवई. जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। कहीं बच्चों को सुरक्षित बैठकर पढ़ने के लिए स्कूल भवन नहीं है वहीं जहां लाखों करोड़ों खर्च कर स्कूल भवनों का निर्माण कराया भी जा रहा है, वहां निर्माण में इस तरह लापरवाही बरती जा रही है कि महज 5 साल में ही ये स्कूल भवन जर्जर दिखाई देने लगे हैं। वनांचल क्षेत्र मवई में करीब 5 वर्ष पूर्व करोड़ों की लागत से मॉडल स्कूल का निर्माण कराया गया था। दो मंजिला इस स्कूल भवन में आधे घंटे की बारिश में ऊपर मंजिल के कमरों में पानी भर जाता है। जहां बच्चों को बैठने में परेशानी हो रही हैं, कुछ साल पहले ही बने इस स्कूल भवन की दीवारों में जगह-जगह दरारें नजर आने लगी हैं।

गंदगी का अंबार

मॉडल स्कूल भवन के चाराें तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शौचालय के हाल खराब है इसका उपयोग करना बीमारी को आमंत्रित करने जैसा है। इस तरह कुछ ही सालों में कराड़ों की लागत से बना मॉडल स्कूल भवन जर्जर हो गया है। छात्र-छात्राओं को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने हजारों रुपए खर्च कर वाटर कूलर लगाया गया है लेकिन देखरेख के अभाव में यह कोई काम नहीं आ रहा है। वहीं दूसरी ओर मॉडल स्कूल मवई में पदस्थ प्राचार्य अपडाउन करते हैं । स्कूल में कम नजर आते हैं। स्टॉफ द्वारा हमेशा रटारटाया जवाब दिया जाता है कि प्राचार्य मीटिंग में गए हुए हैं।

मॉडल स्कूल के प्राचार्य हमेशा अनुपस्थित रहते हैं। स्कूल की जरूरी व्यवस्थाआें पर उनके द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता है।

हरे सिंह परते, खंड शिक्षा अधिकारी मवई