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4 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं का विक्रय किया, अब तक 172 को हुआ भुगतान

गेहूं उपार्जन: शादी के सीजन में जल्दी भुगतान की मांग

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4 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं का विक्रय किया, अब तक 172 को हुआ भुगतान

4 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं का विक्रय किया, अब तक 172 को हुआ भुगतान

मंडला. समर्थन मूल्य में गेहूं खरीदी शुरू हुए एक माह का समय पूरा बीत गया है और अब तक की स्थिति में मात्र एक चौथाई संख्या में ही किसान गेहूं बेचने के लिए पहुंचे हैं। मौसम खराब होने के कारण गेेहूं खरीदी व परिवहन की रफ्तार कम हो गई है। जिसके चलते किसानों को भुगतान के लिए इंतजार भी करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार गेहूं बेचने वाले 4510 किसानों में से मात्र 172 किसानों का ही भुगतान हो सका है। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान खाते में पैसे आने का इंतजार कर रहे हैं।

शादियों का सीजन होने से इन दिनों किसानों को पैसे की अधिक जरूरत है। कुछ किसानों का कहना है कि जल्द पैसे नहीं आए तो उन्हें कर्ज लेने को मजबूर होना पड़ेगा। वहीं मौसम गेहूं तौलाई का समय नहीं दे रहा है। अभी भी कई किसानों ने गेहूं कटाई तो कर ली है लेकिन थ्रेसिंग नहीं कर पा रहे हैं। वहीं खलिहान में रखी फसल भीगने से गेहूं की गुणवत्ता भी खराब हो रही है। ऐसे में किसानों को गेहूं विक्रय के लिए परेशाना होना पड़ सकता है। अब तक पर्याप्त किसान ना पहुंचने से अधिकारियों को पिछली बार की तरह खरीदी का लक्ष्य पूरा न हो पाने की चिंता सताने लगी है, खाद्य एवं आपूर्ती अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार इस बार समर्थन मूल्य में गेहूं खरीदी के लिए 19 हजार 950 किसानों ने अपना ऑन लाईन पंजीयन कराया था, जिसमें अब तक की स्थिति में 4 हजार 510 किसानों से 26 हजार 264 मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई है।

बेमौसम बारिश के हालातों के चलते मात्र 18 हजार मेट्रिक टन का ही परिवहन खरीदी केन्द्रों से सुरक्षित गोदामों में हो सका है। करीब 8 हजार मेट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। यही नहीं हर बार की तरह किसानों को उनके द्वारा बेची गई उपज का समय में भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में सरकार का 72 घंटे में किसानों के खाते में पेमेंट भेजने का दावा खोखला साबित हो रहा है। किसानों के फसल बेचने के 10 से 15 दिन बाद भी पेमेंट नहीं मिल रहा है। किसान अमान सिंह, कार्तिक सिंगरौरे आदि ने बताया कि उन्होंने 11 अप्रेल को गेहूं केन्द्र में बेचा था। लेकिन आज तक उनके खाते में पेमेंट नहीं आई है। ऐसे में वे खरीदी केन्द्र के चक्कर काट रहे हैं और जवाब मिलता है कि जल्द ही सीधे खाते में पेमेंट पहुंच जाएगी।