
टीबी मरीजों को पोषण आहार उपलब्ध कराके निक्षय मित्र दे रहे ‘नया जीवन’
मंडला. टीबी मुक्त देश बनाने में जिले के सामाज सेवियों को भी योगदान मिलने लगा है। वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। जिसके लिए स्वस्थ्य अमला के साथ निक्षय मित्र भी योगदान दे सकेंगे। इस मुहिम में जिले के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि भी निक्षय मित्र बन रहे हैं। निक्षय मित्र योजना टीबी से पीड़ित लोगों को गोद लेने की योजना है। इस योजना के तहत कोई भी स्वयंसेवी संस्था, औद्योगिक इकाई या संगठन, राजनीतिक दल, शासकीय अधिकारी, कर्मचारी या कोई भी व्यक्ति टीबी मरीज को गोद ले सकता है, जिससे वह टीबी मरीज के इलाज में उसकी मदद और उसके लिए हर माह पौष्टिक आहार की व्यवस्था करने में एक सहयोग दे सकते है। जिससे पीड़ित व्यक्ति को प्रति माह उस बीमारी से लडऩे में पोषण आहार का सहारा मिल सके। फिलहाल जिले में 851 टीबी मरीज ईलाजरत है। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क उपचार और दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे ये स्वस्थ हो सकें। इसके साथ ही इन टीबी मरीजों के उपचार में सहयोग के लिए जिले में निक्षय मित्र बनने आगे आ रहे है। जिसमें अभी तक 79 लोगों ने निक्षय मित्र बनने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। 79 पंजीकृत निक्षय मित्र में से वर्तमान में जिले में 55 निक्षय मित्र हैं और इनकी संख्या बढ़ती जा रही है।
कोर्स पूरा किए बगैर बंद न करें दवा
मरीजों के लिए पोषण आहार के साथ ही दवा का सेवन भी जरूरी है। इस समय क्षयरोग का पूरी तरह से उपचार संभव है। क्षयरोगी ठीक होकर सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी मंडला डॉ सुमित सिंगौर का कहना है कि समय से दवा लेकर तथा दवा का कोर्स पूरा कर क्षयरोगी पूरी तरह से ठीक हो रहे हैं। स्वस्थ होने के लिए जरूरी है कि कोर्स पूरा होने तक दवा बंद नहीं की जाए। इस दौरान पोषणयुक्त खाने का पूरा ध्यान रखें। डॉक्टर की सलाह लेते रहें। शत-प्रतिशत ठीक होने की संभावना है। क्षयरोग के लक्षण बताते हुए लोगों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को 15 दिन से ज्यादा समय तक खांसी आ रही है, शाम को बुखार हो रहा है, सीने में दर्द या मुंह से खून आ जाने के लक्षण दिखें तो उसमें क्षयरोग होने की संभावना है।
आयुष्मान मित्र व बीएमओ ने लिया गोद
बता दें कि जहां अधिकारी, कर्मचारी समेत अन्य लोग नियक्ष मित्र बनकर इस बीमारी की जंग में सहभागिता दर्ज करा रहे है। वहीं जिले के विकासखंड नारायणगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में पदस्थ आयुष्मान मित्र प्रहलाद एवं बीएमओ डॉ एएल कोल निक्षय मित्र बनकर क्षय रोगियों को फूड बॉस्केट उपलब्ध करा रहे है। जिससे रोगी स्वस्थ्य होकर आम लोगों के बीच रह कर जीवन जी सके। आयुष्मान मित्र ने निक्षय मित्र बनकर ग्राम कुम्हा के एक टीबी मरीज को छह माह तक पोषण आहार देने का संकल्प लिया है। आयुष्मान मित्र विगत तीन माह से इस क्षय रोगी को तय फूड बॉस्केट के अनुसार तीन माह से पोषण आहार दे रहे हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी भी बने निक्षय मित्रजिला चिकित्सालय मंडला में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर और प्रभारी जिला क्षय रोग अधिकारी मंडला डॉ सुमित सिंगौर ने इस टीबी के खिलाफ जंग को जीतने के लिए निक्षय मित्र बनकर पोषण आहार किट देने का संकल्प लिया है। डा सुमित ने जिला क्षय रोग अधिकारी का प्रभार लेने से पहले ही इस अभियान में अपनी सहभागिता दी, जिससे इस जंग को जल्द से जल्द जीता जा सके। उन्होंने टीबी रोग से ग्रसित आर्थिक रूप से कमजोर चार मरीजों को गोद लिया है। मरीजों को छह माह तक प्रति माह पोषण आहार देने का संकल्प लिया है। डॉ सुमित ने आमजन सहित अधिकारी, कर्मचारी और स्वयं सेवी संगठनों से अपील की है कि आर्थिक रूप से कमजोर क्षय रोग से ग्रसित मरीजों को पोषण आहार देकर इस गंभीर बीमारी की जंग को जीतने में सहयोग प्रदान करें।
जिले में निक्षय मित्रों की स्थिति
ब्लॉक कुल निक्षय
पंजीयन मित्र
बिछिया 08 07
बीजाडांडी 05 04
मंडला 20 17
घुघरी 00 00
मवई 09 08
मोहगांव 08 02
नैनपुर 10 10
नारायणगंज 06 03
निवास 13 04
कुल 79 55
निवास बीएमओ बने निक्षय मित्र
सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र निवास के संस्था प्रभारी बीएमओ डॉ विजय पैगवार द्वारा विकासखंड के ग्राम अमदरी जाकर क्षय रोगी को फूड बास्केट का वितरण किया। इसके साथ ही एसटीएस अमित जैन द्वारा मरीज को फूड बास्केट प्रदान किया गया। बीएमओ डॉ विजय पैगवार ने आमजन, शासकीय, अशासकीय संस्थाओं, संगठन से अपील की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय क्षय मुक्त अभियान के अंतर्गत सहयोग प्रदान करें। घुघरी में अब तक कोई निक्षय मित्र सामने नहीं आया है। घुघरी में फिलहाल 97 टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। जिन्हें शासन की ओर से दवाईयां निशुल्क और पोषण आहार के लिए राशि दी जा रही है।
Published on:
18 Dec 2022 03:49 pm
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