
अब मत्स्य पालकों को भी मिलेगा किसान क्रेडिट कार्ड
मंडला। सरकार ने मत्स्य पालकों को भी अन्य कृषकों की तरह अपने कार्य को बेहतर बनाने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण की व्यवस्था कराई है। मत्स्य पालन करने वाले किसानों को भी किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार किसानों को खेती के ऋण के लिए केसीसी किसान क्रेडिट कार्ड देती है। इस पर किसानों को सस्ते दर पर कर्ज मिलता है। कर्जमाफी और अनुदान की योजनाओं के लिए भी केसीसी को आधार माना जाता है। सहायक संचालक मत्स्योद्योग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मछली पालन से जु सभी लोगों के लिए मछली पालन विभाग के द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना चलाई जा रही है। इस योजना का लाभ मछली पालन की गतिविधि से जड़े सभी प्रकार के लोगों को मिलेगा। स्वयं के तालाब में मछली पाल रहे कृषक, मछली बेचने वाले, नदियों से या अन्य जगह से मछली पकडऩे वाले, शासकीय तालाबों के पट्टा धारक मछली समिति, समूह, व्यक्ति, फेरी लगाकर बेचने वाले व्यक्ति आदि को भी लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार जिले में 92 मछुआ समिति मत्स्य पालन का कार्य कर रही हैं। जिन्हें समय समय पर शासन से मदद भी उपलब्ध कराई जाती है। इस दौरान समितियों के सदस्य को गुजारा भत्ता के रूप में 15 सौ रुपए केन्द्र व 15 सौ रुपए राज्य सरकार द्वारा दिए जाते हैं। इसके लिए सदस्यों से भी 15 सौ रुपए सदस्य जमा कराए जाते हैं। 15 सौ के एवज में 3 हजार रुपए सदस्यों को दिए जाते हैं। वहीं मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड लेकर भी किसान शासन से मदद ले सकते हैं। इस योजना के तहत इस मछुआ क्रेडिट कार्ड के लिए किसानों को मत्स्य विभाग में आवेदन करना होगा। आवेदन को मत्स्य विभाग से बैंकों को भेजा जाएगा जहां पर केसीसी की तरह किसानों का मछुआ क्रेडिट कार्ड बनाया जाएगा। इस कार्ड से किसान जमीन के हिसाब से तीन लाख रुपए तक की राशि प्राप्त कर सकेगा। एक हेक्टेयर में लगभग 21 हजार रुपए की मदद की जाती है। इस राशि में किसान अपने खेत में तालाब का निर्माण कराकर मत्स्य पालन कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड से मिलने वाली राशि में से किसान आसानी से मछली पालन को व्यवसाय शुरू कर पाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी समिति का सदस्य होना आवश्यक नहीं है।
मछली पालन की गतिविधि से जुड़े सभी व्यक्ति मछली पालन विभाग के किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। हितग्राही कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग जिला में हर बुधवार केम्प में उपस्थित होकर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
यह मछली पालक ले सकते हैं किसान क्रेडिट कार्ड
अंतर्देशीय मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर मछुआरे, मछली पालक (व्यक्तिगत और समूह साझेदार, फसल, किरायेदार किसान) स्वयं सहायता समूह। लाभार्थियों को तालाब, टंकी, खुले जल निकाय, हैचरी, पालन इकाई, जैसे मछली पालन और मछली पकडऩे से संबंधित गतिविधियों के लिए आवश्यक लाइसेंस और किसी भी अन्य राज्य विशिष्ट मत्स्य पालन और संबद्ध गतिविधियों के रूप में मत्स्य पालन से संबंधित गतिविधियों में से किसी एक का मालिक होना चाहिए।
Published on:
31 Jan 2022 11:11 am
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