20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंडला

video story:-शिव जी से सुहागन का वरदान मांग किया फुलहरा विसर्जन

शिव जी से सुहागन का वरदान मांग किया फुलहरा विसर्जन

Google source verification

नैनपुर @ पत्रिका. पति की सुख सम्मृद्धि, दीर्घायु व अपने सुहाग की सलामति के लिए महिलाओं ने निर्जला व्रत रख हरितालिका पर्व फुलहरा बांध कर पूजा अर्चना की। भगवान शिव माता पार्वती जी से महिलाओं ने अपने पति की लम्बी आयु की कामनाएं की। युवतियों ने भी हरितालिका निर्जला व्रत धारण कर मन चाहे वर का शिव जी से वरदान मांगा। राम दातून कर सुबह मोनी स्नान के बाद निर्जला व्रत धारण कर शिव जी का ध्यान पूजा प्रारंभ की गई। शाम के समय विभिन्न बेलपत्र, लता, फूल, फल व पूजन सामग्री के साथ फुलहरा बांध भगवान शिव माता पार्वती की रेत से आकृति बनाकर पकवान, फलो का भोग लगा पूजा आरती कर रतजगा किया गया। रात भर भजन, कीर्तन, आरती कर भगवान शिव पार्वती जी की पूजा के साथ जागरण किया गया। भगवान शिव जी को प्राप्त करने माता पार्वती के द्वारा 12 वर्षों तक तपस्या की गई थी। इसी तपस्या की परिकल्पना कर आज भी महिलाओ के द्वारा निर्जला व्रत रखा जा रहा है। 18 सितंबर को महिलाओं युवतियों के द्वारा अन्न जल त्याग कर शिव जी की पूजा आराधना में ध्यान लगाया गया।

नैनपुर @ पत्रिका. पति की सुख सम्मृद्धि, दीर्घायु व अपने सुहाग की सलामति के लिए महिलाओं ने निर्जला व्रत रख हरितालिका पर्व फुलहरा बांध कर पूजा अर्चना की। भगवान शिव माता पार्वती जी से महिलाओं ने अपने पति की लम्बी आयु की कामनाएं की। युवतियों ने भी हरितालिका निर्जला व्रत धारण कर मन चाहे वर का शिव जी से वरदान मांगा। राम दातून कर सुबह मोनी स्नान के बाद निर्जला व्रत धारण कर शिव जी का ध्यान पूजा प्रारंभ की गई। शाम के समय विभिन्न बेलपत्र, लता, फूल, फल व पूजन सामग्री के साथ फुलहरा बांध भगवान शिव माता पार्वती की रेत से आकृति बनाकर पकवान, फलो का भोग लगा पूजा आरती कर रतजगा किया गया। रात भर भजन, कीर्तन, आरती कर भगवान शिव पार्वती जी की पूजा के साथ जागरण किया गया। भगवान शिव जी को प्राप्त करने माता पार्वती के द्वारा 12 वर्षों तक तपस्या की गई थी। इसी तपस्या की परिकल्पना कर आज भी महिलाओ के द्वारा निर्जला व्रत रखा जा रहा है। 18 सितंबर को महिलाओं युवतियों के द्वारा अन्न जल त्याग कर शिव जी की पूजा आराधना में ध्यान लगाया गया।