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मांग को लेकर हड़ताल पर गए डाक कर्मचारी, लड़ेंगे आर-पार की लड़ाई

8 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल

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Post office workers on strike demand

मंडला। जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस की
सरकार बनी ग्रामीण डाक
कर्मचारियों के तेवर भी तेज हो गए।
पांच राज्यों में जिस तरह भाजपा के
खिलाफ लोगों ने मतदान किया इसे
देखते हुए अपनी मांगों को लेकर
ग्रामीण डाक सेवक भी मुखर हो
गए। उन्होंने अपनी 8 सूत्रीय मांगों
को लेकर अनिश्चिकालीन हड़ताल
पर चले गए हैं।
अखिल भारतीय ग्रामीण डाक
कर्मचारी मंगलवार से एक बार फिर
अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ
गए हैं। पिछली बार 18 मई 18 से 6
जून 18 तक ग्रामीण डाक
कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। तब
उनकी एक सूत्रीय मांग स्वीकार कर
तो ली गई थी, लेकिन उसपर अमल
नहीं किया गया। इसके विरोध में
अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ की
गई है। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक
कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अशोक
कुमार भांवरे ने बताया कि कमलेश
चंद्रा कमेटी की सिफारिशों को लागू
कराने की मांग को लेकर पिछली
बार ग्रामीण डाक कर्मचारियों ने
हड़ताल की थी। केंद्र सरकार ने
ग्रामीण डाक कर्मचारियों की
एकसूत्रीय मांग को मंजूर कर लिया
था। इसके बाद ग्रामीण डाक
कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन
हड़ताल समाप्त कर ली थी। लेकिन
कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं
मिला। केंद्र सरकार की कर्मचारी
विरोधी नीति के खिलाफ इस बार
ग्रामीण डाक कर्मचारियों ने आरपार
की लड़ाई लडऩेका मन बना लिया
है। ग्रामीण डाक कर्मचारियों को मात्र
4 घंटे ही काम करने का नियम है,
लेकिन वे 8 से 10 घंटे तक काम
करने को मजबूर हैं। मंगलवार से
जिले के लगभग 300 ग्रामीण डाक
कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल
पर चले गए हैं। सुभाष चंद्र गुमास्ता
ने बताया कि इस बार हम 8 सूत्रीय
मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन
हड़ताल पर बैठे हैं। हमारी मांग है कि
कमलेश चंद्रा कमेटी की रिपोर्ट एक
जनवरी 2016 से पूर्ण रूप से लागू
की जाए। ग्रेच्यूटी की सीमा डेढ़
लाख से बढ़ाकर 5 लाख की जाए।
ग्रामीण डाक सेवकों का प्रमोशन 12
वर्ष, 24 वर्ष और 36 वर्ष में किया
जाए। वर्षभर में 30 दिन का
सवेतनिक अवकाश दिया जाए।
मकान किराया कमेटी की अनुशंसा
अनुसार दिया जाए। एकल शाखा
डाक घरों को डबल हेंडेड किया
जाए। समस्त ग्रामीण डाक घरों की
कार्य अवधि 8 घंटे किया जाए।
ग्रामीण डाक सेवकों का शोषण बंद
किया जाए। साथ ही ग्रामीण डाक
सेवकों को पेंशन दी जाए। इसके
साथ ही भांवरे ने बताया कि
मंगलवार से अखिल भारतीय
ग्रामीण डाक कर्मचारी
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले
गए हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल
90 पोस्टऑफिस हैं। इनमें कुल 300
ग्रामीण डाक सेवक कार्य कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के 90 पोस्टऑफिस,
12 के लगभग उपडाकघर हैं। कहीं
पर भी ग्रामीण डाक सेवक काम नहीं
कर रहे हैं।

आरपार की लड़ाई लड़ेंगे
हमने वर्ष 2017 में भी अपनी
मांग को लेकर 8 दिन की
हड़ताल की थी। इस साल 18 मई 18
से 6 जून 18 तक हड़ताल की थी।
हमारी एक सूत्रीय मांग थी कि
कमलेश चंद्रा कमेटी की सिफारिशें
लागू की जाए। आश्वासन मिला था।
इसके बाद हमने हड़ताल समाप्त कर
दी थीए लेकिन कमेटी की सिफारिशें
लागू नहीं की। इस कारण फिर से
अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है।
अबकी बार आरपार की लड़ाई लड़ी
जाएगी।
अशोक कुमार भांवरे,
जिलाअध्यक्ष अभाग्राडा कर्मचारी संघ