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20 किमी पैदल चलकर पहुंचे माँ नर्मदा की कारसेवा करने

शासकीय सेवा के साथ कर रहे नर्मदा तट की साफ, सफाई  

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20 किमी पैदल चलकर पहुंचे माँ नर्मदा की कारसेवा करने

20 किमी पैदल चलकर पहुंचे माँ नर्मदा की कारसेवा करने

20 किमी पैदल चलकर पहुंचे माँ नर्मदा की कारसेवा करने
मंडला। स्वच्छता अभियान और माँ नर्मदा के प्रति आस्था और भक्ति के कारण घुघरी निवासी अशोक भलावी पिछले पांच वर्ष से रामनगर के नर्मदा तट को स्वच्छ बना रहे है। माँ नर्मदा सेवा समिति घुघरी के सदस्य नर्मदा घाट को स्वच्छ रखने का बीड़ा उठाया है। यहां समिति के संरक्षक श्री भलावी के साथ समिति के सदस्य सप्ताह में एक बार सारा काम छोड़कर माँ नर्मदा की कारसेवा में लग जाते है। समिति के सदस्यों का मानना है कि नर्मदा घाट व धार्मिक स्थलों की सफाई ही मां नर्मदा की सच्ची सेवा है। समिति के सदस्य हर आस्थावान से यही उम्मीद करते है कि मां नर्मदा को प्रदूषण मुक्त रखने में सहयोग करे। घाट में कचरा न फैलाए। साबुन, सोडा का उपयोग न करे। जिससे मां नर्मदा को स्वच्छ रखा जा सके।
जानकारी अनुसार नर्मदा नदी पूरे मंडला जिला में अविरल बेग से कलकल करती गुजरती है। जिले में नर्मदा किनारे सैकड़ों घाट है। जहां लोग पूजन अर्चन के लिए बड़ी संख्या में आते है लेकिन घाटों में पूजन सामग्री और र्निमाल्य छोड़ आते है। स्नान के दौरान साबुन सोड़ा का उपयोग कर प्रदूषण फैलाते है। इसे देखते हुए विकासखंड घुघरी के अशोक भलावी ने रामनगर के घाट को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। श्री भलावी ने बताया कि पहले वह पूर्णिमा और अमावस्या को माँ नर्मदा की पूजा अर्चना के लिए आया करता था, यहां नर्मदा तट किनारे गंदगी का आलम रहता था, जिसके बाद मैने दो-तीन सप्ताह तक अकेले ही नर्मदा तट की साफ सफाई शुरू की। इसके बाद अपने साथियों को प्रेरित किया। जिसके बाद उन्होंने ने भी इस कार्य में सहयोग करना प्रारंभ कर दिया।
16 सदस्य पहुंचे 20 किमी पैदल:
अशोक भलावी ने बताया कि वे एक शासकीय सेवक है। कृषि विभाग में कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर पदस्थ है। सप्ताह के 6 दिन अपने शासकीय कर्तव्य को निभाते है और सप्ताह का अंतिम दिन रविवार को माँ नर्मदा के लिए समर्पित करते है। उन्होंने बताया कि घुघरी से रामनगर की दूरी करीब 20 किमी की है। ये प्रत्येक सप्ताह को अपने समिति के सदस्यों के साथ रामनगर के नर्मदा तट आते है और यहां नर्मदा तट की साफ सफाई करते है। यदि किसी कारण वश किसी सदस्य को कोई कार्य आ जाए तो समिति के अन्य सदस्य इस रूटीन को नहीं तोड़ते। समिति के सदस्य एकत्र होकर नर्मदा तट पहुंच साफ सफाई करते है। इस सप्ताह सभी सदस्य की इच्छा थी कि माँ नर्मदा की कारसेवा करने घुघरी से पैदल ही जाएंगे। माँ नर्मदा के प्रति आस्था के चलते सभी सदस्य 20 किमी पैदल चलकर रामनगर पहुंच माँ नर्मदा की कारसेवा की।

परिक्रमावासियों के लिए बनाएंगे धर्मशाला:
श्री भलावी ने बताया कि माँ नर्मदा के प्रति आस्था है। जिसके चलते हम प्रत्येक सप्ताह को रामनगर आकर नर्मदा तट को स्वच्छ बना रहे है। अब समिति के सदस्यों ने एक नई पहल करने की इच्छा जाहिर की है। जिसमें रामनगर आने वाले नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए धर्मशाला की व्यवस्था माँ नर्मदा सेवा समिति घुघरी के द्वारा करने की बात की है। जिससे यहां आने वाले परिक्रमावासियों को रूकने की सुविधा मुहैया कराई जा सके। श्री भलावी ने बताया कि यदि सहयोग मिला तो परिक्रमावासियों के लिए आगे चलकर भोजन की भी व्यवस्था बनाई जाएगी।
ताउम्र सेवा का संकल्प:
माँ नर्मदा सेवा समिति घुघरी के सदस्यों ने ताउम्र माँ नर्मदा की सेवा का संकल्प लिया है। समिति के द्वारा सफाई अभियान लगातार चलाया जा रहा है। फिलहाल समिति के संरक्षक अशोक भलावी, समिति अध्यक्ष संजय साहू, सचिव शिवरमन मानिकपुरी, कोषाध्यक्ष मन्नू नंदा, सदस्य संजय पांडेय, नंदकिशोर पांडेय, अरविंद झारिया, अमन भलावी, श्रीराम अग्रवाल, सुखराम झारिया, दुर्गेश झारिया, सुब्बेलाल भारतीया, रिंकु उसराठे, भोला नंदा, संजय यादव, प्रकाश पाठक, अभिलाष पाठक, प्रदीप पाठक, आकाश तिवारी, राकेश अग्रवाल, राजू नंदा, रवि नंदा, बंटी नंदा, ललित नंदा, राकेश नंदा, चेतराम नंदा, राधे रजक, यशवंत, भूरा नंदा, श्रीराम कछवाहा, नवीन हरदहा, रोशन नंदा, ललित नंदा, लकी सोनी, आकाश दीक्षित, अशोक अग्रवाल, दुर्गेश प्रजापति, मिंकी नंदा, राजा नंदा, अंकित नंदा समेत अन्य युवक बढ़चढ़कर कारसेवा में हिस्सा ले रहे है।