
पुनर्मूल्यांकन में बदला रिजल्ट, पांचवीं के 67 और आठवीं के 394 विद्यार्थी हुए पास
मंडला. राज्य शिक्षा केन्द्र के एक निर्देश ने कक्षा 5 वीं एवं 8वीं के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवार दिया है। दरअसल इस बार बोर्ड पैटर्न में परीक्षा देने वाले इन कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को बाकि विषय में अच्छे नंबर मिले थे, लेकिन एक या दो विषय में काफी कम नंबर मिलने से उन बच्चों को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया था। जिस पर राज्य शिक्षा केन्द्र ने एक बार फिर उन कॉपियों का मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए जिन विषयों में छात्र-छात्राओं को कम नंबर मिले थे।
मूल्यांकनकर्ताओं की गलती का छात्रों ने भुगता खामियाजा
सूत्रों के अनुसार कक्षा 5 वीं एवं 8 वीं के छात्र-छात्राओं की बोर्ड पैटर्न में परीक्षा के बाद मूल्यांकन कार्य कॉपियों को अन्य जिलों में भेजकर कराया गया था। कॉपियों की जांच के बाद छात्रों को मिले अंक मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज भी कराना था। जानकारी अनुसार कई मूल्यांकनकर्ताओं ने छात्र-छात्राओं को मिले नंबरों को पोर्टल में दर्ज करने में गलती कर दी। यही नहीं जिन छात्र-छात्राओं का मुख्य विषय उर्दू नहीं था उन विषय में अनुत्तीर्ण दिखाने से भी उन छात्र-छात्राओं को भी अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया था। जानकारों का कहना है कि राज्य शिक्षा केन्द्र को समय रहते इस गलती का अंदाजा हो गया और अनुत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं की कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन कराया गया और इसके बाद कई छात्र-छात्राओं का साल खराब होने से बच गया है।
मिला ए प्लस से लेकर डी ग्रेड
शिक्षा कार्यालय से यह जानकारी दी गई है कि कक्षा 5 वीं एवं 8 वीं के छात्र-छात्राओं के रिजल्ट अनुसार ग्रेड दिए गए थे जिसमें ए प्लस से लेकर डी ग्रेड तक शामिल था। ए प्लस वाले छात्र-छात्राओं का रिजल्ट सबसे अच्छा माना गया और डी ग्रेड वाले छात्रों को अनुत्तीर्ण माना गया।
Published on:
09 Jun 2023 10:29 am
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