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रुपए कार्ड बदलेगी किसान की तकदीर

जिले के 600 किसानों को मिला रूपये कार्ड

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Rupees card will change farmer's fate

Rupees card will change farmer's fate

मंडला. कृषक अब अपनी जरूरत अनुसार, जब चाहे लिमिट अनुसार रूपये किसी भी एटीएम मशीन से निकाल सकेगा। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति दाढीभानपुर के 600 से अधिक कृषकोंंं को यह सुविधा मुहैया करा रही है। किसानों को रूपये कार्ड वितरण समारोह एवं नवनिर्मित भवन का लोकार्पण समारोह दाढीभानपुर में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड विशेषज्ञ, सुनील नामदेव, कार्यक्रम अध्यक्ष लेम्पस अध्यक्ष नारद कुलेश एवं प्रभारी प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मण्डला एनके कोरी के विशिष्ट आतिथ्य में कार्यक्रम शुभारंभ मां सरस्वती के तैल्य चित्र पर पूजन भवन लोकार्पण कर रूपये कार्ड वितरण किये गये। प्रभारी प्रबंधक कोरी ने कृषकों से मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना की जानकारी दी एवं 31 जुलाई तक सदस्यों को मूलधन जमा कर प्रदेश सरकार की ब्याज माफी योजना का लाभ उठाने की अपील की। मुख्य अतिथि नामदेव ने संबोधित करते हुए कहा खेती को लाभ का धंधा बनाने मप्र एवं केन्द्र की भाजपा सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाये हैं, ब्याज मुक्त ऋण, खाद, बीज ऋण पर 10 प्रतिशत अनुदान, खाद अग्रिम उठाव, धान, गेंहू पर बोनस, भावांतर भुगतान योजना, मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना में ब्याज माफी, कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत से ज्यादा अनुदान फसल की क्षति पर 30 हजार रूपये हेक्टेयर मुआवजा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसानों को वाजिब मूल्य देने वाला लागत मूल्य का डेढ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित अनेक योजनाएं संचालित, कृषकों की समस्याओं का निदान किया है। समिति के प्रशासक नारद कुलेश, पूर्व उपाध्यक्ष समीर राठौर ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन शाखा प्रबंधक अनिलकांत तिवारी ने किया।
कार्यक्रम में अतिथियों के साथ एलएन यादव, सरपंच पंचम करचाम, प्रमोद पाण्डे, जगदीष सिंह ठाकुर, तीरथ ठाकुर, सुग्रीव ठाकुर, हंसलाल, तुलसीदास कुशराम, जीपी नायक, नारद यादव सहित बड़ी संख्या में कृषक मौजूद रहे।

कार्यक्रम में यह भी किसानों को बताया गया कि फसल गिरदावरी प्रतिवर्ष की जाने वाली एक महत्वपूर्णं प्रक्रिया है जो कि वर्ष में दो बार खरीफ एवं रबी सीजन की बुवाई के बाद की जाती है एवं भू-अभिलेखों में दर्ज की जाती है प्रचलित पद्धति में कई बार जानकारी समय में अद्यतन नहीं होने या गलत हो जाने पर कई बार किसान, उन्हें प्राप्त होने वाले लाभों से वंचित रह जाते हैं। इन्ही बिन्दुओं को देखते हुए फसल गिरदावरी संबंधी एप्लीकेशन का विकास मैप आईटी के सहयोग से राजस्व विभाग मप्र शासन द्वारा किया गया है। इस एप को मोबाईल फोन में अपलोड कर लोकेशन ऑन करना पड़ेगा जिसके बाद इसमें ऑनलाईन जानकारी अपलोड होगी। जैसे ही जानकारी सर्वर पर अपलोड होगी, संबंधित कृषक को उसे मोबाईल नंबर पर उससे संबंधित खसरों में फसल गिरदावरी के अंतर्गत दर्ज की गई जानकारी जिसमें बोवाई के अतिरिक्त वृक्षारोपण मकान या अन्य निर्माण आदि से संबंधित विवरण, एसएमएस के माध्यम से भेजी जाएगी।