20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंडला

Video Story :- जिला चिकित्सालय में वृद्धजनों के लिए बनाया अलग वार्ड

सुविधा : केन्द्रीय ग्रामीण एवं इस्पात राज्यमंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते ने किया शुभांरभ

Google source verification

मंडला. जिला अस्पताल में आने वाले वृद्ध मरीजों को अन्य मरीजों के साथ भर्ती होने से उन्हें समुचित इलाज नहीं मिल पाता था लेकिन अब वृद्धजनों के लिए अलग से वार्ड बना दिया गया है यहां उन्हें समुचित स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। इस 10 बिस्तरीय वार्ड का शुभांरभ केन्द्रीय ग्रामीण एवं इस्पात राज्यमंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते द्वारा किया गया। 10 बिस्तरीय वार्ड में 5 बेड पुरूष एवं 5 बेड महिलाओं के लिये बनाये गए हैं। वृद्धजन वार्ड पृथक से बनाने से वृद्धाजनों को समुचित उपचार मिल पायेगा एवं उनकी देखभाल की जा सकेगी। इसी कड़ी में केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के मंशानुरूप प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व के तहत सुमन हेल्प का जीर्णोद्धार कर शुभांरभ किया गया।जिनके घरों में गर्भवती महिलायें हैं और परिवार वाले उनका अस्पताल का खर्च उठाने एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवायें प्रदाय कराने में असमर्थ होते हैं, ऐसे लोगों का निशुल्क उपचार इस योजना में किया जाता है। सुमन हेल्पडेस्क के माध्यम से जोखिमयुक्त गर्भवती महिलाओं को 4 जांचेंए आवश्यक दवाईयांए आवश्यकता अनुसार सोनोग्राफी एवं खून की कमी होने पर खून चढ़ाने की सलाह हेल्पडेस्क के माध्यम से प्रदाय की जाती है।

 

मंडला. दस्तक अभियान अंतर्गत 5 वर्ष उम्र तक के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सक्रिय पहचान एवं प्रबंधन किया जाता है, ताकि बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। वर्ष 2023-24 में दस्तक अभियान के प्रथम चरण का आयोजन स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से 18 जुलाई से 31 अगस्त तक किया जाना है। स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं के संयुक्त दल द्वारा 5 वर्ष तक के बच्चों के घर-घर जाकर उनकी चिकित्सीय जांच एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने हेतु समुदाय में बीमार नवजातों और बच्चों की पहचानए प्रबंधन एवं रेफरल किया जाएगा। इसी प्रकार 5 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान रेफरल एवं प्रबंधन, 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल्यकालीन दस्त रोग की पहचान एवं नियंत्रण हेतु ओआरएस एवं जिंक उपयोग संबंधी सामुदायिक जागरूकता एवं प्रत्येक घर में गृहभेट के दौरान ओआरएस पहुंचाना। 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन, अनुपूरण, बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों एवं वृद्धि विलंब की पहचान की जाएगी।