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वनधन विकास केन्द्रों का किया परिस्थिति जन्य विश्लेषण

संचालित है 13 वन धन विकास केन्द्र

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वनधन विकास केन्द्रों का किया परिस्थिति जन्य विश्लेषण

वनधन विकास केन्द्रों का किया परिस्थिति जन्य विश्लेषण

मंड़ला. प्रधानमंत्री वनधन योजना के अंर्तगत पश्चिम वन मंड़ल में संचालित सभी 6 वन धन विकास केन्द्रों का परिस्थिति जन्य विश्लेषण किया गया। विश्लेषण नेशन फस्र्ट पॉलिसी रिसर्च सेंटर और आईएसडीजी फाउंडेशन मध्यप्रदेश के रिसर्च कंसल्टेंट गजेंद्र गुप्ता और सुरेन्द्र गुप्ता ने किया। गजेंद्र गुप्ता ने बताया कि जिले में वर्तमान में 13 वन धन विकास केन्द्र संचालित है। पश्चिम वन मंड़ल मंड़ला के अंर्तगत स्थापित वन धन विकास केन्द्र खुर्सीपार, बम्हनी, पटपर सिंगारपुर, निवास, मोइयानाला और काल्पी के स्व-सहायता समूह के संचालन और वित्त पोषण, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण, खरीद और मानकीकरण, मूल्यवर्धन और पैकेजिंग तथा बिक्री की जानकारी का विश्लेषण किया गया। पूर्व वनमंडल मंड़ला के अंर्तगत स्थापित 7 वन धन विकास केन्द्रों के परिस्थितिजन्य विश्लेषण के बाद जिले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री वन धन योजना और वन धन विकास केन्द्रों के अध्ययन के बाद तैयार रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए योजना से जुड़े संस्थाओं द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विदित हो कि भारत के सात राज्यों में प्रधानमंत्री वन धन योजना और वन धन विकास केन्द्रों के अध्ययन के लिए ट्राइफेड और नेशन फस्र्ट पॉलिसी रिसर्च सेंटर के बीच एमयू हुआ है। आईएसडीजी फाउंडेशन अध्ययन में सहयोगी संस्था है। गजेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री वन धन योजना और वन धन विकास केन्द्रों के अध्ययन के लिए मध्यप्रदेश में मंड़ला, डिंडौरी और बालाघाट जिले को चयनित किया गया है। गजेंद्र गुप्ता ने बताया कि नेशन फस्र्ट पॉलिसी रिसर्च सेंटर और आईएसडीजी फांउडेशन देश की प्रतिष्ठित एवं ख्यतिलब्ध थिंक टैंक अनुसंधान संस्थान हैं।