
200 वर्ष पुराने बगीचे पर तस्करों की नजर, तीन फलदार हरे भरे वृक्षों को काटा
मंडला. नैनपुर विकासखंड के ग्राम पिंडरई सलवाड़ा मार्ग पर स्थित अमराही के एक हरे भरे बगीचे में विगत दिवस कुछ अज्ञात लोगों द्वारा वृक्षों को काटा जा रहा था। इन लोगों के पास वृक्षो को काटने की कोई अनुमति भी नहीं थी। ये बिना किसी आदेश के मौखिक तौर पर तहसीलदार का नाम लेकर धड़ल्ले से हरे भरे फल लगे वृक्षों को काट रहे थे। इसकी जानकारी ग्राम के उपसरपंच को दी गई। बताया गया कि पिंडरई से सालीवाड़ा मार्ग पर स्थित अमराही के फलदार बगीचे में अन्य जिले से आए कुछ लोगों ने तंबू लगाकर यहां के बगीचे का सफाया करने की तैयारी थी। इनके मशीन वाला कटर भी था, जिससे वृक्षों को कुछ ही सेकेंडों में धराशाई किया जा रहा था। जिसके कारण क्षेत्रीय लोगों में रोष है। वृक्ष काट रहे लोगों से पूछने पर पता लगा कि इनके पास ना तो वन विभाग, ग्राम पंचायत, तहसीलदार और ना ही यहां के एसडीएम से कोई अनुमति के दस्तावेज है। नियमानुसार फलदार और हरे भरे वृक्षों को काटने के लिए अनुमति की आवश्यकता होती है। इन लोगों को कोई अनुमति ही नहीं थी।
मौके पर पहुंचे उपसरपंच
पिंडरई उपसरपंच जितेन्द्र सिंह राजपूत को बगीचे में हो रहे वृक्षों की कटाई की जानकारी लगी, उन्होंने तत्काल इस कटाई को रोकने के लिए तहसीलदार नैनपुर, हल्का पटवारी, पुलिस चौकी पिंडरई को सूचना दी। सूचना के बाद तत्काल मौके पर जाकर अवैध रूप से वृक्षों की कटाई कर रहे लोगों को वृक्षों को काटने से रोका गया। वृक्ष काट रहे लोगों से इसकी अनुमति आदेश मांगा तो उनके पास ऐसा कोई आदेश अनुमति नहीं मिली। जानकारी लगने के बाद भी प्रशासनिक अमले द्वारा इसमें कार्रवाई करने में लेटलतीफी कर दी। जिसके चलते वन तस्करों द्वारा तीन हरे भरे आम के वृक्षों को काट दिया गया था, इसके बाद और वृक्ष काटने की तैयारी थी। राजस्व विभाग के उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि उनके द्वारा काटे गए वृक्षों की जब्ती पंचनामा तैयार कर इन वन तस्करों के विरुद्ध अपराध दर्ज किए जाने की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
हरा-भरा है बगीचा
अमराही के बगीचे में फलदार वृक्ष, बेशकीमती सगौन, शीशम, पीपल, बरगद समेत अन्य वृक्ष लगे हुए है। पूरा बगीचा हरा भरा है। जिसे बीरान करने ये वन तस्कर अपनी दबंगई से मशीन द्वारा पेड़ों को काट रहे थे। इसकी जानकारी ग्राम प्रमुख जितेन्द्र सिंह राजपूत, प्रमोद सिंह राजपूत, संजीव सिंह राजपूत व ग्रामीणों द्वारा पुलिस चौकी पिंडरई, राजस्व विभाग, वन विभाग को दी गई। इसके साथ इन्होंने कहा कि यह अवैध रूप से हो रहा है, इसकी अनुमति शासकीय नहीं है।
Published on:
09 Jun 2023 10:53 am
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