
घर-घर दस्तक देगी टीम, होगा सर्वे
मंडला। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत समर्थन सेंटर फॉर डव्लपमेंट सपोर्ट भोपाल के काउंसलर और मास्टर ट्रेनर की समीक्षा बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ केसी सरोते की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सीएमएचओ डीपीएम डॉ जेपी सिंह, नोडल अधिकारी डॉ वायके झारिया, जिला समन्वयक (आरकेएसके) डॉ अभिषेक मिश्रा, जिला समन्वयक (समर्थन संस्था) अशोक जंघेला सभी ब्लाकों के काउंसलर, मास्टर ट्रेनर मौजूद रहे। बैठक में निम्न बिन्दुओं पर चर्चा की गई। जिसमें दस्तक अभियान, किशोर स्वास्थ्य दिवस के माइक्रोप्लान पर चर्चा, साथिया ट्रेनिंग सूची, क्लस्टर बैठक एवं साथिया बिग्रेड सूची पर चर्चा, किशोर मित्र स्वास्थ्य केन्द्र की स्थिति, सपोटिव सुपरविजन पर चर्चा की गई।
सीएमएचओ ने सभी कार्यो की जानकारी ली
बैठक में सीएमएचओ ने राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाले सभी कार्यो की जानकारी ली। जिसमें साथिया को ट्रेनिंग में क्या सिखाया जाता है, इसकी जानकारी उपस्थित मास्टर ट्रेनरों से ली। जिसमें कार्यक्रम के 6 मुद्दों के बारे में उपस्थित मास्टर ट्रेनरों से जानकारी ली गई कि साथिया को ट्रेनिंग में किस प्रकार से समझाया व जानकारी दी जाती है। इस दौरान सीएमएचओ ने उपस्थित मास्टर ट्रेनरों को सुझाव भी दिए। बैठक के अगले चरण में दस्तक अभियान पर विशेष चर्चा की गई।
अभियान की कार्ययोजना को विस्तार से मास्टर टे्रनरों को बताया
जिले में दस्तक अभियान 10 जून से शुरू होने जा रहा है। जिसकी तैयारियां कर ली गई है। अभियान के लिए एएनएम को प्रशिक्षण भी दिया गया है। सीएमएचओ ने दस्तक अभियान पर विस्तार से बताया। साथ ही नोडल अधिकारी वायके झारिया ने दस्तक अभियान की कार्ययोजना को विस्तार से मास्टर टे्रनरों को बताया। उन्होंने बताया कि दस्तक अभियान में क्या-क्या होना है, कौन-कौन इसमें सहभागिता देंगे। कैसे इस अभियान में कार्य किया जाएगा। इन सब की जानकारी विस्तार से बताई। उन्होंने कहा कि आप सभी मास्टर ट्रेनरों और आपके साथिया का विशेष सहयोग हमें दस्तक अभियान में चाहिए। जिससे अभियान को सफल बनाया जा सके। डॉ वायके झारिया ने दस्तक अभियान के अंतर्गत बताया कि बाल्यकालीन निमोनिया, गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान करना, गंभीर एनीमिया वाले बच्चों की सक्रिय पहचान करना, वाल्यकालीन दस्त रोग, 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए पिलाई जाना, नवजात बच्चों में विकृति होना, एनआरसी में भर्ती बच्चों का फालोअप लेना समेत दस्तक अभियान से जुड़ी अन्य बातों पर विस्तार से चर्चा कर समझाया गया। इसी दौरान गंभीर एनीमिया की पहचान कैसे करें इसकी पहचान करना भी बताया गया।
तिरंगा थाली के विषय में भी विस्तार से बताया
जिसमें बताया कि गंभीर एनीमिया तीन प्रकार का होता है। जिसमें गंभीर एनीमिया, मध्यम एनीमिया और हल्का एनीमिया। बैठक में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ अभिषेक मिश्रा द्वारा उपस्थित काउंसलर और मास्टर ट्रेनरों की समस्याओं से सीएमएचओ को अवगत कराया गया। अभिषेक मिश्रा द्वारा पोषण से संबंधित तिरंगा थाली के विषय में भी विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि हम बहुत ही सरल और सहज भाषा का उपयोग कर तिरंगा आहार को समझा सकते है। सीएमएचओ डॉ केसी सरोते और जिला समन्वयक डॉ अभिषेक मिश्रा द्वारा कार्यक्रम के छह: मुद्दे को मास्टर ट्रेनरों द्वारा जानकारी ली गई। बैठक में समर्थन संस्था से जिला समन्वयक अशोक जंघेला द्वारा काउंसलर और मास्टर ट्रेनरों से एएचडी और साथिया प्रशिक्षण पर विस्तार से चर्चा की गई।
दस्तक अभियान के अंतिम एक ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा
जिला समन्वयक ने सीएमएचओ को मास्टर ट्रेनरों के कार्यो और ब्लाक स्तरीय, सेक्टर स्तरीय बैठक के बारे में विस्तार से बताया।बैठक के दौरान सीएमएचओ ने जिले के सभी ब्लाकों के काउंसलर से उनकी समस्याएं सुनी और उनकी समस्याओं को हल करने की बात कही। इसके साथ ही दस्तक अभियान के अंतर्गत ग्राम सभा के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि एक गांव में दस्तक अभियान के अंतिम दिन शाम 5 बजे के बाद एक ग्राम सभा का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें सरपंच, सचिव, साथिया समेत अन्य लोग मौजूद रहेंगे। इस दौरान दस्तक अभियान की जानकारी ली जाएगी। बैठक के अंत में सीएमएचओ ने उपस्थित सभी काउंसलर और मास्टर ट्रेनरों को स्वास्थ्य विभाग के हर कार्यक्रम में स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित किये। उन्होंने कहा कि आप अपना सहयोग स्वास्थ्य विभाग के हर कार्यक्रम में दे सकते है।
Published on:
10 Jun 2019 07:08 pm
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