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एप्प के माध्यम से तत्काल पहुंच जाएगा मरीज अस्पताल

जिले में 9 से बढ़ाकर 16 एंबुलेंस की गई तैनात

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एप्प के माध्यम से तत्काल पहुंच जाएगा मरीज अस्पताल

एप्प के माध्यम से तत्काल पहुंच जाएगा मरीज अस्पताल

मंडला। सरकार द्वारा जब से 108 एंबुलेंस सुविधा शुरू की गई है, रोजाना बड़ी संख्या में बीमार मरीजों, घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, अब इस सुविधा में और भी इजाफा किया गया है जहां जिले में 108 एंबुलेंस की संख्या 9 से बढक़र 16 हो गई है वहीं आने वाले दिनों में 7 से 8 एंबुलेंस और भी जिले में मिलने की बात कही जा रही है।
एप से जल्द मिलेगी मदद
जिले के 108 एंबुलेंस के डीएम कपिल शर्मा ने बताया कि पहले 108 एंबुलेंस की मदद के लिए 108 नंबर पर कॉल कर तमाम तरह की जानकारियां देना पड़ता था लेकिन अब एंबुलेंस का ठेका 1 मई से बदल चुका है और इसी के साथ कई तरह की सुविधाएं भी कंपनी द्वारा बढ़ाई गई है जिसमें एप भी शामिल है। डीएम ने बताया कि 108 एंबुलेंस की मदद कभी भी किसी को भी जरूरत पड़ सकती है इसलिए कंपनी द्वारा बनाए गए विशेष 108 एंबुलेंस एप को अपने मोबाईल में जरूर डाउनलोड करके रखना चाहिए। इस एप से एंबुलेंस की मदद चाहने पर अपने आप पीडि़त की लोकेशन मोबाईल में दर्ज हो जाएगी, कुछ ही अन्य जानकारी दर्ज करने पर न केवल एंबुलेंस मरीज के पास होगा और यदि एंबुलेंस आने में विलंब है तो पीडि़त को एप में ही पता चल जाएगा कि एंबुलेंस कहां हैं और उसे मरीज तक पहुंचने में कितना समय लगेगा। एप से मरीज को उसके नजदीके अस्पताल, आयुष्मान से जुड़े अस्पताल के साथ ही नजदीकी ब्लड बैंक की जानकारी भी एड में ही मिल जाएगी।
पेटी ठेकेदार प्रथा हुई समाप्त
पूर्व में जिस कंपनी को एंबुलेंस संचालन का ठेका मिला था कंपनी कुछ पेटी ठेकेदारों से वाहन लेकर उसे किराये में चला रही थी, जबकि ऐसे वाहनों में समुचित सुविधाएं भी नहीं दी जाती थी यहां तक कई बार मरीजों से पैसे लेने तक की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब पेटी ठेकेदार से कोई सरोकार नहीं होगा और सभी एंबुलेंस सर्व सुविधाओं से सुसज्जित होकर मरीज के पास पहुंचेंगी।
एक जैसे होंगे सभी वाहन
पूर्व में मरीजों, घायलों को पहुंचाने वाली एंबुलेंस में बड़े वाहनों का उपयोग किया जाता था और जननी में छोटी ओमनी आदि का उपयोग होता था लेकिन अब सभी एंबुलेंस एक जैसे बड़े आकार के वाहन के रूप में होंगी, जिसमें सभी तरह की जरूरी दवाओं के साथ आवश्यक जांच सुविधाओं के लिए उपकरण लगे होंगे। बताया गया कि वर्तमान में जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगी 16 एंबुलेंस में 9 वाहन जननी के रूप में उपयोग किए जा रहे हैं। हालांकि जननी वाहन में इएमटी नहीं होने की बात कही जा रही है जबकि कई बार एंबुलेंस में ही डिलेवरी कराने की नौबत आ जाती है जिसे प्रशिक्षित इएमटी बेहतर तरीके कर पाते हैं लेकिन अब बताया जा रहा है कि जननी के रूप में चलने वाली एंबुलेंस में सिर्फ पायलट ही होगा, ऐसे में यदि अचानक किसी गर्भवती महिला की एंबुलेंस में ही डिलेवरी कराने की नौबत आई तो बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।
सिर्फ पायलट होगा
अब सरकारी ही नहीं प्राइवेट अस्पताल भी जा सकेंगे
जब कोई घटना-दुर्घटना में घायल मरीज या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 में कॉल किया जाता था तो एंबुलेंस मौके पर पहुंचकर तत्काल मरीज को सीधे पास के किसी सरकारी अस्पताल में पहुंचा देती थी लेकिन अब इस सुविधा में और भी इजाफा किया गया है अब कोई मरीज या घायल यदि चाहेगा तो उसे प्राइवेट अस्पताल भी उसी एंबुलेंस से पहुंचा दिया जाएगा, हालांकि इस सुविधा के लिए मरीज को दूरी अनुसार निर्धारित चार्ज देना होगा।
वर्जन
जिले में अब कुल 16 एंबुलेंस तैनात की गई है कुछ दिनों में कंपनी द्वारा 8 एंबुलेंस और भेजने की तैयारी है, 108 एंबुलेंस सुविधा के लिए सभी नागरिकों को प्ले स्टोर में जाकर एप जरूर डाउनलोड करना चाहिए, एप से 108 में फोन लगाने से बेहतर और तेजी से मरीज को एंबुलेंस की सुविधा मिल सकेगी।
कपिल शर्मा
डीएम
108 एंबुलेंस मंडला