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इस बार किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत

पहले से खाद जमा करने में जुटा कृषि विभाग

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इस बार किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत

इस बार किसानों को नहीं होगी खाद की किल्लत

मंडला. किसान अपने खेतों में खरीफ की फसल की तैयारियों में लग गए हैं। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी भी लगातार खाद आपूर्ती पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि जिले में किसानों को कहीं भी खाद की कमी से न जूझना पड़े। चूंकि किसान खरीफ की फसल तैयारी के पहले ही खाद लेना शुरू कर देते हैं ताकि एन वक्त पर उन्हें खाद के लिए न भटकना पड़े, इसीलिए किसानों की इसी जरूरत को देखते हुए कृषि विभाग ने पर्याप्त खाद का आवंटन मार्कफेड सोसायटी से लेकर निजी दुकानों में पहुंचाया है।

चुनावी साल को देखते हुए विभाग कर रहा एडवांस तैयारी

कृषि विभाग के अधिकारी हर बार की तरह इस बार भी खाद, यूरिया का पर्याप्त स्टॉक होने के दावे कर रहे हैं लेकिन पूर्व में देखा गया है कि इन दावों के उलट किसानों को समय में पर्याप्त खाद नहीं मिल पाती या फिर निजी दुकानों से महंगे दामों में खाद बेची जाती है। इससे किसान उग्र हो जाते हैं लेकिन इस बार इस तरह की लापरवाही कृषि विभाग के अधिकारियों को भारी पड़ सकती है क्योंकि इस बार चुनावी साल होने से सरकार किसानों को किसी तरह से आक्रोशित होता नहीं देखना चाहेगी।

अब अमानक खाद का नहीं करना पड़ेगा उपयोग

जानकारी अनुसार इस साल जैसे-जैसे खाद के लाट आ रहे हैं। तुरंत ही उनके सैंपल भी लिए जा रहे है, ताकि किसी भी तरह की खाद अमानक यदि है तो समय पर ही समय पर ही उसका वितरण रोक दिया जाए। बीते सालों की बात की जाए तो जो सैंपल लिए जाते थे, उनकी रिपोर्ट ही उस समय आती है जब पूरी उर्वरक का उपयोग किया जा चुका होता है। ऐसे में अमानक खाद का न सिर्फ विक्रय होता है बल्कि किसानों को भी उस खाद के उपयोग से कोई लाभ नहीं होता।

हर साल होती है खाद की मारामारी

बीते कुछ सालों की बात करें, तो यूरिया को लेकर जमकर हंगामा होता है। कई जगह किसान जाम लगाते है बीते साल ही खाद के वितरण की व्यवस्था विभिन्न सोसाइटी हो या फिर निजी दुकानें जहां से भी खाद का वितरण किया गया। वहां पटवारी से लेकर तहसीलदार, एसडीएम तक की ड्यूटी लगाने के निर्देश तो जारी हुए थे लेकिन अधिकांश दुकानों, सोसायटियों में इन निर्देशों का पालन होता दिखाई नहीं दिया था।