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वैदिक मंत्र: गूंजे समावर्तन संस्कार समारोह में

कुछ इस विशेष तरह से दी छात्रों को विदाई

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Vedic Mantra: Gongj Samyotraman Samskar ceremony

वैदिक मंत्र: गूंजे समावर्तन संस्कार समारोह में

मंडला। भारतीय संस्कृति, संवर्धन एवं संरक्षण के उद्देश्य से संचालित सरस्वती शिशु मंदिर कक्षा बारहवीं के भैया बहिनो का समावर्तन संस्कार किया गया। विद्यालय द्वारा सोलह संस्कारों में 13 वां संस्कार, गुरुकुल से शिक्षा लेनेे के बाद स्वरोजगारीत शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दीक्षांत कर भेजना विदाई करना समावर्तन संस्कार कहलाता है। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और संस्था के व्यवस्थापक प्रफुल्ल मिश्रा, अध्यक्षता संस्था प्राचार्य कमलेश अग्रहरि, विशिष्ट अतिथि माध्यमिक विभाग प्रभारी विनय मिश्रा एवं राम प्रकाश ठाकुर रहे। अतिथियों ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हिंदी के व्याख्याता रमानिवास दुबे ने भैया बहिनो को संस्कारित करते हुए उन्हें समावर्तित किया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धाजंली देते हुए सभी से अपेक्षा की कि शिशु मंदिर के संस्कारों से पोषित होकर वे जहाँ भी रहे विद्यालय की छवि का ध्यान रखते हुए प्रगति करें और राष्ट्र और विद्यालय के साथ नगर और परिवार का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य कमलेश अग्रहरि ने पूर्व छात्र की कल्पना देते हुए विद्याभारती के लक्ष्य का स्मरण कराया और उस रास्ते पर चलने का संकल्प दिलाया। ग्यारहवीं के भैया बहिनो द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरांत संस्था के अन्य आचार्य संजय विश्वकर्मा, जितेंद्र गुप्ता, तारेंद्र पांडेय, उर्मिला बैरागी एवं निशांत कोष्टि ने कविताओं के माध्यम से आदि ने शुभ आशीष एवं आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन सुनील तिवारी ने किया। सह भोज के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया जिसमें किशोर भारती एवं कन्या भारती के पदाधिकारी भैया बहिनो की सहभागिता सराहनीय रही। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और संस्था के व्यवस्थापक प्रफुल्ल मिश्रा, अध्यक्षता संस्था प्राचार्य कमलेश अग्रहरि, विशिष्ट अतिथि माध्यमिक विभाग प्रभारी विनय मिश्रा एवं राम प्रकाश ठाकुर रहे। वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हिंदी के व्याख्याता रमानिवास दुबे ने भैया बहिनो को संस्कारित किया।