मंडला. हर चमकती चीज सोना नहीं होती इस मुहावरे को चरितार्थ करती है उपनगर महाराजपुर स्थित गोकुलधाम कॉलोनी जोकि इस कॉलोनी का विकास एक कंपनी द्वारा किया गया। कॉलोनी का शुभारम्भ इतने जोर-शोर से हुआ कि मंडला नगरवासियों की आंखें चकाचौंध हो गई। कॉलोनी को पूर्णत: वैध बताया गया। कॉलोनी के प्लाट बेचने के लिए प्रत्येक घर तक नगरपालिका द्वारा पेयजल की आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, गार्डन के पास 51 फिट ऊंची शिव प्रतिमा साफ-सफाई, नालियों का निर्माण एवं समुचित पानी निकासी जैसे लोकलुभावन सपने दिखाए गए। लेकिन लोग अब स्वयं को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं। गोकुलधामवासी अब स्वयं को समस्याधाम वासी समझने लगे हैं।
नहीं है पर्याप्त लाइट की व्यवस्था
रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी पूर्णरूप से वैध है लेकिन वैधता की कसौटी पर यह कॉलोनी कहीं खरी नहीं उतरती है। पर्याप्त लाइट की उपलब्धता कॉलोनी में नहीं है।
कॉलोनी के कुछ क्षेत्र तो घने अंधकार में इस प्रकार से डूबे हुए हैं कि वहां यदि कोई गलती से पहुंच जाए तो उसे यह अनुभव होगा कि वह किसी वीराने में आ गया हो, इन घने अंधेरों का फायदा उठाकर अपराधिक तत्वों ने यहां नशाखोरी का अड्डा बना लिया है। समय-समय पर निकलने वाले जहरीले कीड़े मकोड़ों, सर्पो ने तो लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है।
बूंद-बूंद को मोहताज कॉलोनीवासी
एक स्वच्छ स्वस्थ वातावरण की कल्पना मन में लिए रहने आये कालोनीवासियों को उस समय वास्तविकता समझ आई जब बोरिंग का फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हुए। यहां नगरपालिका के पेयजल की व्यवस्था का वचन तो था पर वह भी झूठा, पेयजल के लिए प्रत्येक घर के लिए पाइपलाइन की सुविधा तो है पर मात्र हवा देने के लिए है नगरपालिका के अनुसार पानी की सप्लाई के लिए लगाई गई पाइपलाइन निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करती हैं।
इसके लिए पुन: पाइपलाइन की व्यवस्था करनी पड़ेगी। कॉलोनीवासियों द्वारा पानी की समस्या के लिए जब कोलोनाइजर से चर्चा की गई तो उन्होंने यह कहकर इतिश्री कर लिया कि मैंने कॉलोनी नगरपालिका को हैंडओवर कर दी है अब इसका निराकरण नगरपालिका निकालेगी। नगरपालिका में समय-समय पर लगभग 10 आवेदन कॉलोनीवासियों द्वारा दिए गए जिसमें तीन जनसुनवाई के आवेदन भी हैं लेकिन निराकरण अब तक शुन्यता लिए हुए है।