मंदसौर.
मंदसौर शहर के लिए सीवरेज प्रोजेक्ट लंबे समय से सपना बना हुआ है। कभी कागजों में तो कभी कोरे आश्वासनों में ही कई साल बीत गए। फिर से सीवरेज प्रोजेक्ट सुर्खियों में आया है। सीवरेज प्रोजेक्ट का मंदसौर शहर भले ही सालों से इंतजार कर रहा बारिश के दौर में जलजमाव की स्थित प्रमुख बाजार व सडक़ो पर बनती है और आम लोग परेशान होते है, लेकिन नगर पालिका इसमें रुचि ही नहीं ले रही है। डीपीआर ही नपा में फाइलों में घुम रही है और शासन मंदसौर सीवरेज के लिए अमृत -२ में योजना मंजूरी की बात कर रहा है। ऐसे में भोपाल में विभाग नपा से डीपीआर पहुंचने का इंतजार क रहा है और सीवरेज का प्रोजेक्ट यहीं नपा में घुम रहा है। हालांकि पहले नपा ने डीपीआर भेजी थी लेकिन हर बार संशोधन या बजट के अभाव में मंजूरी नहीं मिली। फिर स इसपर कवायद हुई है। मंदसौर शहर की सीवरेज व्यवस्था को सुधारने के लिए विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्रसिंह को पत्र लिखा। इस पर मंत्री ने मंदसौर सीवरेज के लिए १५० करोड़ की योजना प्रारंभ करने का प्रतिउत्तर दिया। लेकिन विधायक ने नगर पालिका से सीवरेज की डीपीआर को जल्द भोपाल भेजने का आग्रह किया है। ऐसे में शहर के राजनीति गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया कि अपनी ही परिषद होने के बाद भी विधायक को नपा से डीपीआर के लिए आग्रह करना पड़ रहा है। वर्तमान में सीवरेज के अभाव में शहर से निकलने वाला गंदा पानी नालों के माध्यम से शिवना नदी में मिल रहा है। इससे नदी प्रदूषित होती है।
विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने शहर के सीवरेज सिस्टम को सुधारने की पहल की है। विधायक सिसोदिया ने इस संबंध में नगरीय प्रशासन मंत्री को पत्र लिखकर मंदसौर के सीवरेज सिस्टम के लिए प्लान की स्वीकृति की बात कही। जिस पर मंत्री ने अमृत योजना के तहत स्वीकृत परियोजना का हवाला देते हुए मंदसौर नगर पालिका से डीपीआर भोपाल भिजवाने की बात कही है। इस जवाब के बाद विधायक ने मंदसौर नगर पालिका से आग्रह किया है कि नगरपालिका शीघ्र से शीघ्र डीपीआर भोपाल भिजवाए ताकि इस परियोजना पर कार्य शुरू किया जा सके। जानकारी के अनुसार 10 मार्च को विधायक सिसोदिया ने नगरीय प्रशासन मंत्री सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि मप्र की बड़ी नगर पालिका में मंदसौर शहर शामिल है। शहर करीब 15-20 किलोमीटर रेडियस में फैला है। यहीं पर भगवान पशुपतिनाथ मंदिर भी स्थित है और शासन ने शहर को पवित्र नगर का दर्जा भी दिया हुआ है। किंतु पुराने या नए शहर में पानी की निकासी को लेकर कोई कार्ययोजना मास्टर प्लान में शामिल नहीं है। शहर का सारा पानी नालियों के माध्यम से तेलिया तालाब, नाहर सय्यद तालाब एवं शिवना नदी में मिलता है। इसलिए शहर की दरकार है कि अमृत योजना के तहत इसे सीवरेज योजना का लाभ मिले।
विधायक के पत्र पर मंत्री सिंह ने जवाब में बताया कि भारत सरकार की अमृत योजना चरण 2 के अंतर्गत शहर के लिए 150 करोड़ की सीवेज परियोजना राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत करके भारत सरकार को भेजी गई है। मंदसौर से डीपीआर तैयार करने का कार्य प्रगति पर है।
मंत्री के पत्र के बाद विधायक ने नपा से किया अनुरोध
इस पत्र के बाद विधायक ने नगरपालिका मंदसौर से अनुरोध किया है कि योजना के डीपीआर जल्द से जल्द तैयार करवा कर भोपाल भेजें ताकि मंदसौर नगर को सीवरेज योजना की सौगात मिलें।