मंदसौर.
हमारी सरकार आ रही है, महिलाएं, युवा व किसान हमारी प्राथमिकता में रहेगी। प्रदेश की स्थिति वर्तमान में मतदाताओं के सामने है। मुझे मतदाताओं पर विश्वास है। भाजपा व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान प्रयास कर रही है, लेकिन होगा कुछ नहीं। जनता समझ चुकी है। भाजपा के भ्रम को ओर बांटने की राजनीति को। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को हवाईपट्टी पर पत्रकारवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा ने महाकाल से भी परहेज नहीं किया। आंधी से ही मूर्तियां टूट गई और दरारें आ गई। महाकाल लोक भाजपा के भ्रष्टाचार का प्रमाण है।
हड़ताली प्रदेश बन गया प्रदेश
कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश आज हड़ताली प्रदेश बन चुका है। भाजपा अपने १८ सालो के पाप को धोने की कोशिश कर रही है। अब बीजेपी को बहनों से लेकर युवा व किसान याद आ रहे है। चुनाव में 5 महीने बचे हैं और अब उनको किसान, कर्मचारी, व्यापारी सब याद आ गए। ये डबल इंजन की सरकार प्रदेश का सत्यानाश कर रही है। २०१८ में कांग्रेस की सरकार बनने और बाद में नहीं चलने और अगले चुनाव में कांग्रेस की सीटोंं पर कहा कि ये जो शिवराज घोषणाएं करते रहते हैं ये सब मैं नहीं करता। ये सौदेबाजी की सरकार है। 2018 में जनता ने कांग्रेस को चुना था। सौदेबाजी मैं भी कर सकता था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। ६ बार इन्वेस्टरसमिट की इतनी घोषणाएं हुई जिनता निवेश तो देश में नहीं आता उतनी प्रदेश के लिए घोषणा कर दी। शिवराजसिंह चौहान घोषणा की मशीन है और चुनाव को देखते हुए इनकी स्पीड भी बढ़ गई है।
बीजेपी नहीं चाहती कि देश में एक आवाज हो
धर्मांतरण को लेकर कमलनाथ ने कहा ये हिंद-मुसलमान तनाव पैदा करने के लिए हो रहा है। धर्म राजनीतिक प्रचार का विषय है। बीजेपी नहीं चाहती कि देश में एक आवाज हो, क्योंकि एक आवाज सबसे भारी होती है। चुनावी साल में घोषणाओं को लेकर कमलनाथ ने कहा कि हम सोच समझकर पूरा कैलकुलेशन कर घोषणाएं करते हैं। लेकिन बीजेपी फर्जी घोषणाएं करती है। बांटने की राजनीति बीजेपी ने की लेकिन अब इसे देश नकार चुका है। जिलाध्यक्ष के चुनाव लडऩे और आगामी समय में टिकिट के फॉर्मूले पर उन्होंने कहा कि स्थानीय संगठन मिलकर चुनाव लड़वाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में अलग हवा है। २०१८ में मुझे कम लोग पहचनाते थे लेकिन आज हर वर्ग जानता है।
न्याय मांग रहे थे किसान, इन्होंने दी गोलियां
पूर्व सीएम ने कहा प्रदेश में एक करोड़ बेरोजगार घूम रहे हैं। कलाकारी और गुमराह करने की राजनीति हो रही है। आज पैसे दो रोजगार दो चल रहा है। चौपट कृषि व्यवस्था, चौपट शिक्षा व्यवस्था, चौपट स्वास्थ्य व्यवस्था, चौपट नर्सिंग व्यवस्था, हाईकोर्ट को इसकी आलोचना करनी पड़ी। चौपट उद्योग धंधे, चौपट अर्थ व्यवस्था, चौपट नदियां, सुरक्षा व्यवस्था, राशन से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य व पौषण व्यवस्था सबकुछ चौपट सरकार के राज में चौपट हो गई है। कमलनाथ ने कहा किसान वाजिब दाम मांग रहे थे इन्होंने गोलियां दी। किसानों के हत्यारें किसानों को न्याय कहा से देंगे। पिछले दिनों जीतु पटवारी द्वारा ३ हजार रुपए प्रति क्विंटल गेहूं के समर्थन मूल्य दाम के मुद्दा उठाने पर उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था ओर किसानों के हित के लिए जो अच्छा होगा वह काम कांगे्रेस करेगी। इस दौरान प्रभारी अर्चना जायसवाल, पूर्व मंत्री कमलेश पटेल, जिलाध्यक्ष विपीन जैन, आलोट विधायक मनोज चावला सहित अन्य मौजूद थे।