मंदसौर.
आसमान में उड़ता रंग-गुलाल और फायर फायटर की पानी की बूंदों के बीच बज रहे गीतों पर थिरकते कदम के बीच हर चेहरों रंगीन था। यह आलम रविवार को शहर में रंगपंचमी के अवसर पर दिखा। चहुंओर रंगपंचमी पर्व का अपार उत्साह था। रंगपंचमी पर फाग यात्रा निकली। इसमें आम से लेकर खास हर कोई उड़ते रंग-गुलाल के बीच सतरंगी आसमान व पानी की बोछारों के बीच हर कोई झूमता नजर आया। शहरवासियों रंगों के उत्साह पर निकली गेर में खूब झुमें। बड़ी संख्या में शहरवासी गेर में शामिल हुए और फायटर से होती पानी की बोछारों के बीच उड़ते रंग-गुलाल से हजारों चेहरें रंगीन थे। रंगों से सराबोर इस माहौल में हर कोई रंगों के उत्साह में झूमता नजर आया। शहर सहित जिले में चहुंओर रंगो का उत्साह नजर आया। रविवार को पूरा जिला रंगपंचमी पर रंगों से सराबोर नजर आया। वहीं भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में उड़ते रंग-गुलाल के बीच भक्त भी बोले के भजनों पर जमकर झूमें तो बाबा पशुपतिनाथ का विभिन्न रंगों से आकर्षक श्रृंगार किया गया।
निकली रंगारंग गेर, खूब उड़ा रंग-गुलाल
शहर में रंगपचंमी के अवसर पर इस बार गेर का नाम नहीं देते हुए रंगारंग फाग यात्रा निकाली गई। नेहरु बस स्टैंड से यह यात्रा शुरु हुई। जो गांधी चौराहा से लेकर घंटाघर क्षेत्र के अलावा शहर के विभिन्न स्थानों से होते हुए गुजरी। शहर में हर बार वैसे ही पंचमी का ही उत्साह रहता है और ऐसे में जब गेर निकली तो हर कोई अपने घरों से बाहर निकला और गेर में शामिल हुआ। नेहरु बस स्टैंड क्षेत्र बड़े बालाजी मंदिर से महाआरती के बाद सुबह ११ बजे गेर शुरु हुई। जो कालीदास मार्ग, घंटाघर चौराहा के साथ ही गांधी चौराहा के अलावा शहर के विभिन्न मार्गों व बाजारों से होते हुए गुजरी। करीब चार घंटे से अधिक समय में गेर ने आधा शहर नापा और इसमें हजारों लोग शामिल हुए। गेर में ५ क्विंटल से अधिक गुलाल और रंग आसमान में उड़ा तो फायरट से होती पानी की बोछारों के बीच डीजे पर बज रहे गीतों पर आम लोग भी खूब झुमें। कोविड की तमाम परेशानियेंा को भुलाकर शहर इस बार रंगों की इस गेर में जमकर झूमा। हजारों की संख्या में शहरवासी गेर में शामिल हुए।
पंचमी पर शहर में हर चेहरा दिखा रंगीन
शहर में निकली गेर के अलावा भी पंचमी पर रविवार को हर चेहरा रंगीन था। युवाओं से लेकर महिलाओं व बच्चों से लेकर बुजूर्गों में भी रंग पर्व का उत्साह नजर आया तो बाजार में रंग व गुलाल की दुकानें भी सजी रही। हर कोई एक-दूसरे को रंग लगाकर पिछले सालों की निराशाओं को पीछे छोड़ जीवन में रंग भरने की शुभकामनाएं देता नजर आया। इसीलिए इस बार की पंचमी भी खास रही। कॉलोनियों से लेकर मोहल्लों में महिलाएं भी अपनी टोलियों में रंगों के साथ होली खेलती हुई नजर आई। तो कई लोगों ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान के साथ भी होली खेली। गोल चौराहा क्षेत्र भी युवा होली पर रंगो की मस्ती में झुमते हुए नजर आए। यहां दोपहर बाद तक रंगों की मस्ती पर युवाओं का थिरकने का दौर जारी रहा। शहर में अनुमानित तोर पर ६ घंटे से अधिक समय तक लोग रंगो की मस्ती में झुमते हुए नजर आए। रंगपंचमी पर एक और जहां गेर निकली तो वहीं दूसरी और फाग महोत्सव का दौर भी जारी रहा।
पंचमी पर भगवान भी रंगों में रमें नजर आए
पंचमी पर आम लोगों के साथ भगवान भी रंगों की मस्ती में रमें हुए नजर आए। इस दौरन भगवान पशुपतिनाथ से लेकर नालछा माता के अलावा बड़े बालाजी मंदिर पर फागोत्सव मनाया गया और भगवान के भी विभिन्न रंगों का रंग लगाया गया।